फिरोजाबाद। क्षमता विस्तार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद शहर के कांच उद्योग जगत में खलबली मची है।शहर के प्रमुख उद्यमियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने को जरूरी पहल शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को शहर के कांच उद्यमियों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से वार्ता की। क्षमता विस्तार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जारी नोटिस का जवाब देने के लिए शहर की प्रमुख 60 इकाइयों के संचालकों ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ होटल पैराडोर में बैठक की। बैठक के दौरान उद्यमियों ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बी. पाठक एवं अन्य को कांच उद्योग के बारे में जानकारी दी। बैठक में शामिल रहे यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल के अनुसार क्षमता विस्तार के मुद्दे पर जारी नोटिस का जवाब देने के लिए अधिवक्ताओं व कानून के जानकारों से विचार विमर्श किया गया है। फिलहाल कांच इकाइयों को मिल रही नेचुरल गैस एवं औद्याेगिक दृष्टिकोण से जुड़ी पत्रावलियां एकत्रित की जा रही हैं। जिससे अधिवक्ताओं के माध्यम से अपना जवाब दाखिल किया जा सके। बैठक में मुकेश बंसल टोनी, संजय मित्तल के अलावा जिन इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके संचालक व भागीदार मौजूद रहे।