फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाॅ. निधि यादव ने ढाई वर्ष पुराने मामले में आचार संहिता का उल्लघंन के आरोपी पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव एवं उनके पुत्र को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया।
पुलिस ने थाना एका ने 15 अप्रैल 2021 को इस आशय की रिपोर्ट दर्ज की थी कि जब पुलिस पार्टी गश्त करते हुए गांव कोडरा पर पहुंची तो पूर्व विधायक रामप्रकाश यादव व उनका पुत्र यादवेंद्र प्रताप सिंह निवासीगण नगला गजू थाना एका जो वार्ड संख्या दस से जिला पंचायत सदस्य का प्रत्याशी थे। अपने 20-25 समर्थकों के साथ आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन करते हुए आठ गाड़ियों के साथ कोडरा-अवागढ़ रोड पर प्रचार कर रहे थे। पुलिस ने उन लोगों से रैली व प्रचार-प्रसार की अनुमति मांगी तो दिखाने में असफल रहे। उन लोगों ने अपने समर्थकों के साथ धारा 144 व कोविड 19 के नियमों शर्तों व आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन किया गया। न्यायालय ने अभियुक्तों पर आरोप लगाया जिन्होंने आरोप से इंकार करते हुए विचारण की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्म सिंह यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी भी जनता के गवाह को पेश नहीं किया गया है और रैली तथा प्रचार-प्रसार करना साबित नहीं है। न्यायाधीश डाॅ. निधि यादव ने दोनों पक्ष के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोनों को दोषमुक्त किया है।