फिरोजाबाद। जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बावजूद बंदी की मार झेल रहीं शहर की आधा दर्जन छोटी-बड़ी कांच इकाइयां गैस कोटा के लिए पैरवी तेज करेंगी। उद्यमियों का कहना है कि 11 साल पहले औपचारिकता पूरी होने के बाद भी अभी तक गैस सप्लाई नहीं मिल सकी है। इकाइयों में बंदी के कारण सरकार को लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। फिरोजाबाद की कांच इकाइयों में तैयार होने वाले तमाम किस्म के कांच, चूड़ी और हस्तशिल्प आइटम की साज सज्जा के लिए अलग-अलग रंग के केमिकल का इस्तेमाल होता है। ग्लास व चूड़ी सजावट के कार्य में लगने वाले केमिकल निर्माण के लिए छोटी-बड़ी कई केमिकल इंडस्ट्रीज शहर में संचालित थीं। स्थानीय कांच कारोबारियों को इन इकाइयों के जरिए अन्य श्रोतों की अपेक्षा सस्ता व गुणवत्ता युक्त केमिकल आसानी से मिल जाता था।
वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे के अनुसार चिह्नित 625 इकाइयों में शामिल शहर की करीब छह केमिकल इकाइयों को अभी तक गैस कोटा हासिल नहीं हो पाया है। हालांकि वर्ष 2015 तक गैस कोटा से वंचित रह गई इकाइयों द्वारा गैस कोटा के लिए गेल से अनुबंध भी कर लिया। नियमानुसार जमा होने वाली धनराशि भी बंधक करा दी। लेकिन जनवरी 2015 में टीटीजेड कमेटी द्वारा लगाई रोक के चलते करीब आधा दर्जन छोटी-बड़ी केमिकल इकाइयां बंदी आदेश के मकड़जाल में फंस गईं।
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उद्यमी पैरवी करेंगे तेज
कांच आइटम के डेकोरेशन को जरूरी प्रदूषण मुक्त केमिकल तैयार कराने वाली दो प्रमुख इकाइयों दीपक केमिकल और बंसल इंडस्ट्रीज ने गैस सप्लाई के लिए 2012 में गेल इंडिया से अनुबंध करने के बाद धरोहर राशि भी जमा करा दीं। कई अन्य विभागों की एनओसी भी हासिल कर लीं। इकाइयों को गैस सप्लाई नहीं मिली। अब उक्त सभी इकाइयां गैस कोटा के लिए टीटीजेड में अपना पक्ष मजबूती से रखने के साथ ही मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्तर पर पहल करने की तैयारी में हैं।
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-हमारी इकाइयां पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त इकाइयों में शामिल हैं। इसके बाद भी हमें गैस सप्लाई नहीं मिल पा रही है। हम गैस कोटा के लिए पैरवी तेज करेंगे।
बृजेश कुमार, बंसल केमिकल इंडस्ट्रीज
-केंद्र व प्रदेश सरकार का ध्यान ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन और राजस्व संग्रह को बढ़ावा देना है। जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद भी हमारी इकाइयां गैस सप्लाई से वंचित हैं। हम अपना पक्ष मजबूती के साथ टीटीजेड के समक्ष रखेंगे।
-राजीव जिंदल, मैसर्स दीपक केमिकल इंडस्ट्रीज