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Firozabad News: दूध, पनीर में रिफाइंड, सरसों के तेल में केमिकल की मिलावट

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फिरोजाबाद। सेहतमंद माने जाने वाले पनीर, दूध, मावा पर भी भरोसा नहीं रहा। खाद्य सुरक्षा विभाग को मार्च माह में पूर्व में लिए खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें दूध, मावा, पनीर के छह नमूने असुरक्षित घोषित हुए हैं। इनमे पाउडर, रिफाइंड और अन्य केमिकल मिलाकर तैयार किया गया था। सरसों का तेल में भी केमिकल की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा साबूदाना, गेंहू का आटा, मिठाई सहित कुल 13 नमूने फेल हुए हैं। यह पदार्थ खाद्य सुरक्षा विभाग के मानक पर खरे नहीं उतरे।
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होली पर लोग मिलावटी गुजिया, मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खा गए। मार्च में लिए गए खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट मई माह में आ गई है। सहायक आयुक्त डा. सुधीर कुमार ने बताया कि दो मार्च को दतावली से शीलेश कुमार से मावा का नमूना लिया था। इसमें रिफाइंड और पाउडर के अलावा केमिकल पदार्थ होने की पुष्टि हुई है। फतेहाबाद रोड निवासी गिर्राज सिंह से पनीर का लिया नमूना भी सिंथेटिक निकला। यह दूध के बजाय रिफाइंड, पाउडर और केमिकल के प्रयोग से बनाया गया था। टोल प्लाजा टूंडला से गुजर रहे नारायणी ऑयल इंडस्ट्रीज राजस्थान के वाहन से लिए सरसों के तेल के नमूना भी असुरक्षित मिला है। इसमें भी केमिकल के साथ पुराने तेल की मिलावट बताई है। तहसील रोड नगला भाऊ से अशोक कुमार की पनीर और नसीरपुर चौराहा से रामदास से लिया मावा भी केमिकल, पाउडर और रिफाइंड की मिलावट होने से असुरक्षित आया है। अवागढ़ रोड पर कृष्णकांत यादव द्वारा मिश्रित दूध के नाम से लेे जा रहा सिंथेटिक दूध भी असुरक्षित आया है।

गेंहू का आटा भी नहीं हो सका पास
जिला मुख्यालय से गुजर रहे सांई राधे ट्रेडर्स जसवंत नगर के वाहन से गेंहू के आटे को जांच के लिए भेजा। यह नमूना अन्य पदार्थ की मिलावट होने की वजह से फेल हो गया है। सोफीपुर निवासी सोनवेंद्र सिंह की दुकान से लिया मावा में मिल्क फेट कम था। कठफोरी में उज्जवल प्रताप की दुकान से लिया सरसों के तेल की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं मिली। ककरऊ कोठी में मेसर्स कैलाश ट्रेडर्स से लिया साबूदाने, टूंडला में राकेश कुमार की दुकान से लिया छैना मिठाई, नवादा मक्खनपुर में सुनील कुमार की दुकान से लिया मिश्रित दूध में पानी की मिलावट पाई। टोल प्लाजा टूंडला से शिवम कुमार से मिश्रित दूध, खेरिया शिकमी निवासी सतेेंद्र यादव और एटा रोड टूंडला निवासी चिंकल सोलंकी की दुकान से लिया मिश्रित दूध का नमूना में पानी की मिलावट जताई गई। साथ ही मिल्क फैट कम पाया गया है। मक्खनपुर में रवि कुमार से लिया पैकेज्ड वाटर के पैकेट पर निर्माता की पूरी जानकारी अंकित नहीं थी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
होली के समय अभियान चलाया गया था। उसकी रिपोर्ट आ गई है। कुल 19 नमूने फेल हुए हैं। इसमें छह नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। दूध, पनीर, मावा में रिफाइंड और पाउडर की मिलावट की पाई गई है। इन मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमा दायर कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डा. सुधीर कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

- मिलावटी खाद्य पदार्थ का सीधा असर हमारी पाचन प्रक्रिया पर पड़ता है। डायरिया और आंतों में इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि केमिकल की मिलावट हो तो सीधा असर किडनी पर पड़ता है। कैंसर होने की प्रबल संभावना होती है। विशेषकर गर्मी के दिनों में बाहरी पदार्थ खाने से बचें। फूड प्वाइजनिंग होने की संभावना अधिक रहती है।
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- डाॅ. नीरज गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन
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