फिरोजाबाद। फिरोजाबाद वर्तमान में जिला है, पांच फरवरी 1989 से पूर्व यह आगरा जिले की एक तहसील हुआ करती थी। यही कारण है कि देश जब आजाद हुआ और पहला लोकसभा चुनाव जब 1951 में हुआ था तब इसे आगरा पूर्वी लोकसभा के रूप में पहचान मिली थी। लेकिन 1957 के चुनाव में फिरोजाबाद लोकसभा सीट अस्तित्व में आ गई थी। सामान्य सीट होने के कारण यहां से सांसद ब्रजराज सिंह चुने गए थे। 1951 के चुनाव में रघुवीर सिंह आगरा पूर्वी लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे। फिरोजाबाद लोकसभा सीट की बात करें तो यह 1957 में अस्तित्व में आ गई थी। उस समय सामान्य सीट होने के कारण ब्रजराज सिंह एक लाख चार हजार 637 मत पाकर निर्दलीय सांसद चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस के चौधरी रघुवीर सिंह को 23 हजार के करीब मतों से पराजित किया था। 1951 में रघुवीर सिंह आगरा पूर्वी लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। उस समय फिरोजाबाद आगरा पूर्वी लोकसभा सीट का ही हिस्सा था। 1962 में कांग्रेस के शंभूनाथ चतुर्वेदी सांसद चुने गए थे। वहीं 1967 से यह लोकसभा सीट (एससी वर्ग) के लिए आरक्षित हो गई थी। लगातार चार दशक तक यह सीट आरक्षित रही।
2008 से पहले तक फिरोजाबाद लोकसभा सीट में फिरोजाबाद एवं शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ आगरा की बाह, फतेहाबाद, खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र शामिल थे। इसके चलते इस सीट की नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतगणना का काम आगरा में हुआ करता था। लोकसभा के चुनाव में स्थानीय प्रशासन को फिरोजाबाद लोकसभा की आगरा व जलेसर लोकसभा की एटा तथा जसराना विधानसभा क्षेत्र की मैनपुरी जिला प्रशासन के साथ कोआर्डिनेशन करना पड़ता था। 2008 में विधानसभा व लोकसभा सीट के परिसीमन के बाद फिरोजाबाद लोकसभा सीट में जिले की पांच विधानसभा टूंडला, जसराना एवं फिरोजाबाद, शिकोहाबाद व सिरसागंज शामिल हो गई है।