किसानों ने ललउआ डैम पर काम रोका, भागे मजदूर
- फोटो : Amar Ujala
झंडा एवं डंडा देख श्रमिकों ने काम रोका, दो घंटे रुकने के बाद लौटे
राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार ही बदला जाएगा आंदोलन का रुख: रामवीर
भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों ने जेडाझाल परियोजना का काम रुकवाया। जेडाझाल परियोजना से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा दिलाने के लिए किसानों द्वारा करीब 20 दिनों से हाथवंत ब्लाक के बाहर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। रविवार को धरना स्थल पर काफी संख्या में किसान एकत्रित हुए। राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा के निर्देश पर रामवीर सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों ने ललउआ गांव स्थित डैम के काम को रुकवाया। यूनियन के झंडे एवं डंडे को लेकर जैसे ही किसान डैम पर पहुंचे तो वहां काम कर रहे श्रमिक भाग खड़े हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक किसानों को चार गुना मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक काम को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 12 सितंबर को राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन का रुख बदला जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा यह आंदोलन किसानों के हित में है। प्रशासन को हल निकालना चाहिए। सुरेशचंद्र भाटिया ने कहा किसानों के साथ भेदभाव गलत है। शिशुपाल सविता ने कहा सत्ताधारी दल के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। आगामी चुनाव में ऐसे सभी दलों के प्रतिनिधियों को किसान सबक सिखाएंगे। प्रदर्शन में कप्तान सिंह, श्यामवीर सिंह, चरन सिंह यादव, डा. धर्मवीर शास्त्री, महेंद्र सिंह, वीरपाल सिंह, प्रभूदयाल शर्मा, आशफाक मुहम्मद, लायक सिंह शर्मा, ब्रजेश कुमार, हेमंत यादव, ध्रुवदेश शर्मा, रामगोपाल, रमेशचंद्र, मोतीलाल आदि शामिल थे।