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Firozabad News: एक महीने में 3.60 करोड़ रुपये की बिकीं आईड्राॅप

Wed, 02 Aug 2023 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में आईफ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। हर घर में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक चपेट में आ रहे हैं। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में ही 290 मरीजों की ओपीडी हुई, जो अभी तक रिकार्ड दर्ज है। वहीं, देहात क्षेत्रों में सीएचसी, पीएचसी के अलावा लोग मेडिकल स्टोर से भी सीधे आईफ्लू की दवा खरीद रहे हैं। इस कारण आईड्राॅप के कारोबार में तेजी से उछाल आ गया। जुलाई में ही करीब 4.50 लाख आईड्राॅप बिके हैं। इनकी कीमत 3.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अब आईड्राॅप की किल्लत शुरू हो गई है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।जिले में जुलाई के पहले सप्ताह से आंखों की बीमारी पैर पसारने लगी। देखते ही देखते आईफ्लू का प्रकोप तेजी से बढ़ गया। मेडिकल कॉलेज में अक्सर 100 से 120 की ओपीडी हो रही थी। दो दिन पूर्व भी यह ओपीडी अधिकतम 220 थी। मंगलवार को नेत्र रोग ओपीडी में 290 मरीज पहुंचे। इसमें 220 मरीज सिर्फ आईफ्लू के थे।
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थोक दवा विक्रेता प्रशांत राजोरिया के अनुसार जिले में 2800 से ज्यादा मेडिकल स्टोर हैं। प्रत्येक स्टोर से हर रोज औसतन 10 आईड्रॉप बिके हैं। एक माह में 4.50 लाख आईड्रॉप की बिक्री हुई। इसकी कीमत 3.60 करोड़ रुपये है। ड्राॅप की बिक्री में तेजी आने से अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर स्टॉक खत्म हो गया है। ऑर्डर करने पर भी ड्रॉप उपलब्धता नहीं हो रही है।
देहात क्षेत्रों की अधिकांश सीएचसी पर नेत्र रोग विशेषज्ञों की कुर्सी खाली है। ऐसे में लोग निजी चिकित्सकों के पास जा रहे हैं। या फिर सीधे ही मेडिकल स्टोर से मरीज दवा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विगाग की टीमें भी क्षेत्रों में जाकर मरीजों को दवाएं वितरित कर रही हैं। औषधि निरीक्षक देशबंधु ने बताया कि मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई जा रही है कि कहीं महंगे दाम में आईड्राॅप तो नहीं बिक रहा है। आंख के दवाओं की गुणवत्ता परखी जाएगी। ओवररेट दवाएं बेचने पर कार्रवाई की जाएगी।
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यह हो रहे हैं लक्षण
नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रेरणा उपाध्याय ने बताया कि आईफ्लू के मरीजों की आंखों में लालिमा, पलकों में सूजन और खुजली हो सकती है। पीला या पानी जैसा स्राव हो सकता है। पलकें चिपचिपी हो सकती हैं। बच्चों को बुखार हो सकता है। बचाव के लिए आंखों को साफ करने के लिए आई वाइप्स का इस्तेमाल करें। अपनी आंखें न मलें, सुरक्षात्मक व गहरे रंग के चश्मे का प्रयोग करें। कांटेक्ट लेंस के उपयोग से बचें। घरेलू उपचार या स्व-नुस्खे का उपयोग करने से बचें। अपनी आंखों में किसी भी ड्रॉप का उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
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