'आई फ्लू' से महिला, बुजुर्ग, युवा व बच्चे सभी पीड़ित हैं। अन्य पीड़ितों ने बताया कि 'आई फ्लू' से पूर्व आंखों में दर्द, खुजली होती है। फिर आंखें लाल हो जाती हैं। सूजन आ जाती है। आनंद नगर निवासी सुरेन्द्र यादव ने बताया कि शुक्रवार को उनकी पत्नी लक्ष्मी बाजार गई थी। शाम तक उन्हें 'आई फ्लू' हो गया।
बताया कि इसके बाद उनके भाई दुर्गेश के साथ ही पूरे परिवार को 'आई फ्लू' हो गया। उनके मोहल्ले में कई परिवार 'आई फ्लू' से पीड़ित हैं। लाइन पार के गांव नगला सोना, नगला झम्मन, बड़ा कूंआ, छाहरी, रसूलाबाद आदि के अलावा नगर के कई मोहल्लों में 'आई फ्लू' ने पैर फैला दिए हैं।
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पैरीमोन, सिप्लोक्स-डी आई ड्रॉप्स की कमी
'आई फ्लू' बीमारी के पैर फैलाने के साथ ही नगर के मेडिकल स्टोरों पर एंटी एलर्जिक आई ड्रॉप की मांग बढ़ गई है। पिछले दो दिनों में यह रोग तेजी से फैलने पर नगर के मेडिकल स्टोरों पर पैरीमोन, सिपलोक्स डी जैसे ड्रॉप्स की कमी हो गई है। ड्रॉप न मिलने पर लोग गुलाब जल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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'आई फ्लू' होने पर किस तरह करें बचाव व उपचार
वरिष्ठ चिकित्सक संजय वर्मा ने बताया कि यह बरसात के मौसम में होने वाला संक्रामक रोग है। इसके बचाव के लिए बाहर से घर जाएं तो सबसे पहले हाथों को साबुन से धोएं। घर में कोई रोगी है तो बार-बार हाथ धोएं। आंखों को बार-बार न छुएं। यदि 'आई फ्लू' हो जाए तो काला चश्मा लगाएं। एंटी एलर्जिक दवाएं लें। एंटीवाइटिक व एंटी एलर्जिक ड्रॉप डालें।