गैंगस्टर एक्ट के दो दोषियों को आठ वर्ष के कारावास की सजा
- थाना मक्खनपुर पुलिस ने जलालपुर मरघटी निवासी दो लोगों के खिलाफ वर्ष 2014 में दर्ज किया था गैंगस्टर एक्ट का मामला
- दोनों पर छह हजार का लगाया जुर्माना, अदा नहीं करने पर तीन माह का भोगना होगा अतिरिक्त कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अपर जिला जज दशम एवं विशेष जज गैंगस्टर एक्ट अर्चना प्रथम ने नौ वर्ष पूर्व थाना मक्खनपुर क्षेत्र में गिरोहबंद अधिनियम में दोषी मिले दो लोगों को आठ वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। छह हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र का 31 मई 2014 की है। थाना प्रभारी मक्खनपुर अशोक शर्मा हमराही पुलिस फोर्स के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान जानकारी मिली कि थाना मक्खनपुर के जलालपुर मरघटी निवासी सहदेव, श्रीकृष्ण, रामलखन, मिलीकुमार उर्फ कुरपी नरेंद्र एवं थाना नसीरपुर के लाछपुर निवासी सुरेंद्र एक सुसंगठित गिरोह बनाकर 27 अक्तूबर 2013 को जलालपुर मरघटी के दो लोगों की हत्या कर दी थी। गैंग का स्वतंत्र रहना ठीक नहीं है। इसमें इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला पंजीकृत करते हुए जांच प्रारंभ कर दी थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। विचारण के दौरान सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई। जबकि सहदेव,नरेंद्र एवं श्रीकृष्ण के द्वारा जुर्म स्वीकार करने के आधार पर दो फरवरी 2023 को दोषसिद्ध किया जा चुका है। रामलखन एवं मिली कुमार उर्फ कुप्पी के मामला सुनवाई को अपर जिला जज दशम एवं विशेष जज गैंगस्टर एक्ट अर्चना प्रथम के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक मुरारीलाल लोधी ने दोषियों को सख्त सजा दिलाने को सुप्रीमकोर्ट एवं हाईकोर्ट की दलीलों को न्यायालय के समक्ष रखा। न्यायाधीश अर्चना प्रथम ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर रामलखन, मिली कुमार उर्फ कुप्पी को उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अपराध में दोषी मानते हुए आठ वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। छह हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।