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आठ हजार बच्चे अतिकुपोषित फिर भी बेड पड़े खाली

सार

जिले में आठ अतिकुपोषित बच्चों के उपचार के लिए सिर्फ 10 बेड के वार्ड का इंतजाम है।डाइट के माध्यम से ही अतिकुपोषित बच्चों को कुपोषित श्रेणी से सुरक्षित श्रेणी में लाया जाता है।भर्ती बच्चों को दूध व उनकी माताओं को खाना दिया जाता है।
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फिरोजाबाद! शिकोहाबाद संयुक्त अस्पताल स्थित एनआरसी में भर्ती अति कुपोषित बच्चे अपनी मां के साथ - फोटो : FIROZABAD
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विस्तार
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फिरोजाबाद। जिले में आठ अतिकुपोषित बच्चों के उपचार के लिए सिर्फ 10 बेड के वार्ड का इंतजाम है। यह भी कभी पूरे नहीं भर पाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशाओं की निष्क्रियता की वजह से यह बार्ड ज्यादातर खाली रहता है। जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं है। एनआरसी वार्ड में न तो डायटीशियन तैनात है और न ही डॉक्टर की तैनाती है। ऐसे में भर्ती होने वाले बच्चों का इलाज भी भगवान भरोसे चलता है।
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शिकोहाबाद के संयुक्त अस्पताल में दस बेड का अतिकुपोषित (एनआरसी) वार्ड पूरा नहीं भरा है। रविवार को यहां सिर्फ आठ अतिकुपोषित बच्चे ही भर्ती थे। जिले में आठ हजार अतिकुपोषित बच्चे होने के बावजूद एनआरसी वार्ड में सिर्फ आठ बच्चे भर्ती हैं। खास बात तो यह है कि यहां शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं है। क्योंकि छह माह से डायटीशियन ही तैनात नहीं हैं। डाइट के माध्यम से ही अतिकुपोषित बच्चों को कुपोषित श्रेणी से सुरक्षित श्रेणी में लाया जाता है। करीब दो साल से यहां चिकित्सक की तैनाती भी नहीं है। स्टाफ नर्स ही अपने अनुभव से अतिकुपोषित बच्चों की सेहत का ख्याल रख रही है।
ये मिलती है सुविधा
शून्य से पांच साल तक के बच्चे जिस वजन से भर्ती किए जाते हैं, उनका वजन 15 प्रतिशत अधिक होने पर बच्चों की छुट्टी कर दी जाती है। बच्चों की दवाइयां एवं जांच फ्री की जाती है। भर्ती बच्चों को दूध व उनकी माताओं को खाना दिया जाता है। बदले में उन्हें पचास रुपये दैनिक भत्ता के रूप में दिए जाते हैं। छुट्टी के बाद 15-15 दिन बाद बच्चों की माताओं को चार बार बुलाया जाता है। हर बार आने पर डेढ़-डेढ़ सौ रुपये दिए जाते हैं।
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