फिरोजाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज हरवीर सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। बंदियों से भोजन सहित अन्य की जानकारी की। पर्याप्त सुरक्षा के अभाव में बीमार बंदियों को उपचार के लिए अस्पताल नहीं भेजने की समस्या को रखा। उसको हल कराने के निर्देश दिए। प्राधिकरण सचिव यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने जिला कारागार में 1481 बंदी निरुद्ध मिले। पाकशाला का निरीक्षण किया तो वहां नाश्ता तैयार किया जा रहा था। चाय व दलिया के साथ ही खाने में चावल,उड़द की दाल,लौकी एवं आलू की सब्जी बनाई गई थी। जेल में निरुद्ध बंदियों को रिहा किए जाने का कार्यक्रम (बैरक टू बैरक) चलाया गया। बंदियों से जमानत की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्हें बताया कि वह निशुल्क अधिवक्ता ले सकते हैं। ऐसे बंदियों की सूची बनाई जिनकी जमानत हो गई, लेकिन उनके पास जमानत की धनराशि नहीं होने के कारण जेल में निरुद्ध हैं या फिर न्यायालय में पेशी पर नहीं आ पा रहे हैं। उनकी अलग सूची बनाई जिनकी जमानत जिला अदालत से निरस्त हो गई,उच्च न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई। बंदियों के मध्य हैंडीक्राफ्ट, डेकोरेशन कटर ग्लास का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। बैरकों में पंखे चल रहे थे।
प्राधिकरण सचिव ने उसे संज्ञान लिया कि बहुत से बंदी ऐसे हैं जिन्हें जिला चिकित्सालय फिरोजाबाद में जाकर जांच आदि करानी है किन्तु पुलिस प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा न मिल पाने के कारण जिला अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो पाता है और बंदियों की तबियत खराब हो जाती है। जेल अस्पताल में डाॅ. ऋषिराज, मुनेश मरीजों की जांच कर रहे थे। महिला बैरक का निरीक्षण किया। जेल लोक अदालत के बारे में जानाकरी दी गई। जेल प्रांगण की साफ सफाई व्यवस्था ठीक मिली। इस दौरान प्रभारी जेलर नीरज कुमार, डिप्टी जेलर एके सिंह, बिजेंद्र गिरि, क्षमा शर्मा मौजूद थे।