फिरोजाबाद। इन दिनों उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। गर्मी और उमस के कारण लोग बीमार भी अधिक पड़ रहे हैं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों को उचित व्यवस्थाएं नहीं मिल रही हैं। बृहस्पतिवार को एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) वार्ड में व्यवस्थाएं बदहाल नजर आईं। यहां भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल दिखे। ऐसे में उन्हें राहत देने के लिए तीमारदार हाथ के पंखे से हवा कर रहे थे। वार्ड में एसी और कूलर बंद पड़े थे। वहीं चिकित्सकों के खाली कमरे भी एसी चलाकर ठंडे किए जा रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्टाफ के कमरे में एसी लगे हुए हैं। लेकिन वार्डों में गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। एचडीयू वार्ड में पहले कोविड मरीज भर्ती होते थे। वह परिसर अब एचडीयू वार्ड के रूप में तब्दील कर दिया है। इस वार्ड में उच्चीकृत सुविधाएं होने का दावा किया जाता है। इसलिए यहां गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जाता है। बृहस्पतिवार को इस वार्ड में भर्ती अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन लग रही थी। इस वार्ड में एसी लगा है, लेकिन काम नहीं कर रही थी। ऐसे में गर्मी से बेहाल मरीज ब्याकुल हो रहे थे। कई मरीज तो आधे कपड़े उतारकर ही बैठे थे। तीमारदार मरीजों का पसीना पोंछने के साथ ही हाथ के पंखे से हवा कर रहे थे। इसी के बरामर में दूसरा एचडीयू वार्ड है। यहां न तो कूलर है और न ही एसी। यहां मरीजों की हालत और भी खराब थी। घबराहट होने की शिकायत पर भर्ती मरीज इस वार्ड में अधमरी हालत में थे।
दिखावटी हैं एसी
वार्ड में मौजूद आसफाबाद के धर्मेंद्र भी गर्मी से बेहाल दिखे। उन्होंने कहा कि एचडीयू वार्ड में एसी लगा है, लेकिन एसी हवा नहीं देता। कूलर भी बंद पड़ा है। शिकायत करने पर बात को अनसुनी कर दिया जाता है। कुल मिलाकर एसी सिर्फ दिखावटी है।
खाली कमरों में 16 डिग्री पर चल रहे थे एसी
मेडिकल कॉलेज में सीएमएस कार्यालय के सामने कमरा नंबर 23 बृहस्पतिवार की दोपहर खाली था। कोई भी व्यक्ति कमरे में नहीं था। लेकिन यहां एसी 16 डिग्री तापमान पर चल रहा था। ऐसे में बिना इस्तेमाल के ही बिजली खर्च हो रही थी।
घर से लाए हाथ का पंखा
मेरे पति चार दिन से भर्ती हैं। वार्ड में एसी लगा है, लेकिन ठंडी हवा नहीं दे रहा। कूलर भी दूर लगा है, जो अधिकांश समय बंद रहता है। उमस के कारण पति को घबराहट हो रही है। इसलिए घर से हाथ का पंखा लेकर आए हैं।
मीरा देवी, टूंडला निवासी
कर्मचारी नहीं देते हैं ध्यान
-बेटी को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वार्ड में इतनी उमस भरी गर्मी है कि वह उठकर बैठ जाती है। पसीने से तर-बतर हो रहे है। स्थानीय कर्मचारी शिकायत पर ध्यान नहीं देते हैं।
राजकुमारी, कच्चा टूंडला
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वर्जन
-वार्डों में एसी, कूलर हैं, लेकिन बारिश के बाद उमस ज्यादा बढ़ गई हैं। इसलिए सभी को परेशानी है। मरीजों की सुविधा का पूरी तरह ध्यान रखा जा रहा है। वहीं, स्टाफ को निर्देशित करेंगे जहां आवश्यकता नहीं हैं, वहां एसी को बंद रखें। डाॅ. श्याम मोहन गुप्ता, सीएमएस