बदमाशों ने ढोलपुरा बंबा के पास सोमवार की सुबह फैक्ट्री में काम करने जा रहे श्रमिक की गोली मारकर हत्या कर दी। श्रमिकों के साथ फैक्ट्री मालिक और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। वारदातस्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मौके पर फॉरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंची थी। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
टूंडला के गांव नगला गुमान निवासी पोप सिंह यादव (55) पुत्र मूंगाराम यादव राजा का ताल और मीरा चौराहे के पास स्थित न्यू आनंद ग्लास फैक्ट्री में काम करता था। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह फैक्ट्री के पास पहुंचा था। तभी पहले से खड़े बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से भाग गए। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों के साथ फैक्ट्री में मौजूद श्रमिक वारदातस्थल पर एकत्रित हो गए। सूचना पर एसपी सिटी संजीव बाजपेयी, नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर सिंह, कोतवाल दक्षिण केपी सिंह, एसएसआई लाइनपार, एमएलसी डा. दिलीप यादव, श्रमिक नेता भूरी सिंह यादव भी मौके पर पहुंच गए। श्रमिकों ने मृतक के परिवारीजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। इस बीच करीब तीन घंटे तक शव मौके पर ही पड़ा रहा। तभी फैक्ट्री मालिक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता करने के साथ ही मृतक के परिवारीजनों को आर्थिक मदद करने की घोषणा कर दी। एसएसआई लाइनपार का कहना है कि मृतक के बेटे की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बेटी के हाथ भी पीले नहीं कर सका पोप सिंह
पोप सिंह पर चार बेटे और तीन बेटियां हैं। दो बेटी और दो बेटों का विवाह करने के साथ ही सबसे छोटी बेटी प्रियंका का रिश्ता नगला सिंघी क्षेत्र के गांव धीरपुरा निवासी एक युवक के साथ तय कर दिया था। 24 अप्रैल को बरात आनी थी लेकिन वह प्रिंयका के हाथ पीले करने से पूर्व ही दुनिया से चला गया।
हत्यारों पर नहीं पड़ी किसी की भी नजर
जिस वक्त पोप सिंह की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी। उस वक्त आसपास कोई व्यक्ति नहीं था। इसलिए किसी ने भी वारदात को अंजाम देते वक्त आरोपियों को नहीं देखा। घटनास्थल के आसपास आबादी भी नहीं है। एक तरफ खेत है तो दूसरी तरफ फैक्ट्रियों की दीवारें।
साथी श्रमिकों ने दी थी पोप सिंह की हत्या की खबर
पोप सिंह के शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सद्दीक खां ने बताया कि वह सुरेंद्र सिंह और अलीशेर के साथ साइकिल से गुजरा तो उसकी नजर पोप सिंह का शव पड़ा था। इसके बाद तीनों लोगों ने फैक्ट्री में मौजूद श्रमिकों के साथ अन्य ग्रामीणों को घटना की सूचना दी थी।