संजय मित्तल अपहरण कांड के आरोपियों वीरेंद्र निषाद उर्फ वीरू उर्फ मोटा निवासी सेवला जाट, ग्वालियर रोड, आगरा और रवि उर्फ अमित निषाद निवासी फैजुल्लापुर सहावा गोकुल बेटा हरदोई को पुलिस ने शनिवार रात टूंडला के बनकट रोड स्थित चंडिका गांव के समीप से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से देशी और लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई है। लाइसेंसी पिस्टल आगरा के एक सराफा कारोबारी के घर से डकैती के दौरान लूटी गई थी। आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं अपहरण कांड के एक अन्य फरार आरोपी की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि दोनों अपराधी पुलिस का शिकंजा कसने के बाद भागने की फिराक में थे। आरोपियों के पास से एक देशी पिस्टल और लाइसेंसी पिस्टल बरामद की गई है। बदमाशों ने पिस्टल आगरा सदर थाना क्षेत्र स्थित राजपुर चुंगी महादेवनगर निवासी सराफा कारोबारी महादेव वर्मा की दुकान से दिनदहाड़े डकैती के दौरान लूटी थी। पुलिस ने बदमाशाें की निशानदेही पर अपहरणकांड में प्रयुक्त पुलिस की वर्दियों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपियों के पास से संजय मित्तल के ड्राइवर का आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से फायरिंग किए जाने पर पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग की गई थी। बदमाशों की गोलियां खत्म होने के बाद उनको घेराबंदी कर चरी के खेत से पकड़ा गया था। घटनास्थल से खाली कारतूस भी बरामद किए गए है। पुलिस फरार बदमाश जेपी की तलाश की जा रही है।
शार्प शूटर हैं रवि और वीरेंद्र
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि रवि और वीरेंद्र शार्प शूटर है। उद्योगपति संजय मित्तल अपहरणकांड के बाद दोनों पर आईजी आगरा जोन की ओर से 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। दोनों बदमाश भाड़े पर भी वारदात करते थे।
बॉक्सर गैंग का प्रत्येक सदस्य जिम्मेदारी से करता था काम
उस्मान, बॉक्सर रेकी, रवि, वीरेंद्र फायरिंग, पंडित प्लानिंग में माहिर
जेपी पर रहती थी हथियार और कारतूस के इंतजाम की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। उद्योगपति संजय मित्तल अपहरण कांड के बाद फिरोजाबाद जिले के लोगों के लिए बॉक्सर गैंग एक जाना पहचाना नाम हो गया है। वीरेंद्र और रवि की गिरफ्तारी के बाद गैंग से जुड़े दो और नाम राहुल पाराशर और टीटू गौतम प्रकाश में आए है। हालांकि पुलिस अपहरण कांड में उनके शामिल नहीं होने के कारण उन पर कार्रवाई करने से बच रही है। रवि और वीरेंद्र से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि बॉक्सर गैंग में सदस्यों ने अपने काम बांट लिए थे। बॉक्सर और उस्मान रैकी करने में एक्सपर्ट है, तो रवि और वीरेंद्र फायरिंग करने के मामले में। वहीं जेपी हथियार और कारतूसों की पूर्ति करता था। प्लानिंग तैयार करने की जिम्मेदारी अमित चौधरी उर्फ कंजा उर्फ पंडित करता था। वहीं राहुल और टीटू वारदात के दौरान गैंग के अन्य सदस्यों की मदद करते थे।
आगरा के सराफा कारोबारी के घर इन्होंने डाला था डाका
राजुपर चुंगी महादेवनगर में सराफा कारोबारी महादेव वर्मा के घर 28 अप्रैल को दिनदहाड़े डाका बॉक्सर, उस्मान, वीरेंद्र, रवि, टीटू गौतम और राहुल पाराशर ने डाला था।
जल्द गिरफ्तार होगा जेपी
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि फरार जेपी की गिरफ्तारी भी जल्द कर ली जाएगी। वह हथियार सप्लायर होने के साथ ही बीबी और बच्चों के साथ इस वक्त घर से फरार है। वह मूल रूप से टूंडला के कांशीराम कालोनी का है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बदमाशों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई करने के साथ ही उनकी चल और अचल संपत्ति भी कुर्क की जाएगी।