इंद्रा नगर में बच्चों को अगवा करने वाली महिला को पकड़ने के बाद लगी भीड़
इंद्रानगर से तीन बच्चों का अपहरण कर ले जा रही महिला को रेहना की पुलिया के समीप लोगों ने पकड़ लिया। उसकी पिटाई करते हुए इंद्रानगर ले आए। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बच्चों को बरामद कर महिला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। क्षेत्रीय लोगों की माने तो महिला के साथ दो युवक और थे। वह मौके से बाइक लेकर भाग जाने में सफल हो गए।
कोतवाली उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी दीपचंद्र की आठ वर्षीय पुत्री काजल अपने भाई नैतिक (4) व चचेरे भाई नितिन(6) पुत्र राजेश बाबू के साथ सुबह करीब आठ बजे घर के बाहर गली में खेल रही थी। तभी एक महिला वहां आई और बच्चों को जलेबी दिलाने की बात कहते हुए तीनों को अपने साथ ले गई। घर के बाहर खेल रहे बच्चों को गायब देख दीपचंद्र ने शोरगुल करते हुए खोजबीन शुरू कर दी। इस पर क्षेत्रीय लोग भी सक्रिय हो गए। उन्होंने बच्चों को लेकर जा रही महिला को रेहना की पुलिया के समीप से पकड़ लिया और उसको पीटते हुए इंद्रानगर तक ले आए। भीड़ की पिटाई से महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। लोगों ने उसके ऊपर पानी भी डाला, लेकिन वह होश में नहीं आई। महिला की हालत बिगड़ती देख क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस महिला को सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची। वहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को होश आ गया। इसके बाद पुलिस महिला को थाने ले गई। उसने अपना नाम तारावती पत्नी रामनरेश निवासी अंबेडकर नगर सैलई थाना रामगढ़ बताया। पुलिस ने राजेश बाबू की तहरीर पर महिला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। क्षेत्रीय लोगों की माने तो जिस वक्त उन्होंने महिला को बच्चों के साथ पकड़ा था, वहां पर दो युवक बाइक लिए खड़े थे। जो भीड़ को देखकर भाग गए। वहीं जेल भेजी गई महिला तारावती का कहना है कि उसने बच्चों का अपहरण नहीं किया, उसके छह बच्चे हैं। सबसे छोटी बेटी की उम्र करीब एक साल है। वह दवा लेने के लिए वैद्य के पास जा रही थी।