विवाद के बाद घटना की जानकारी लेती पुलिस।
सार्वजनिक जमीन पर बंद पड़े कुएं के ऊपर मंदिर बनाने को लेकर यादव और जाटव पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान दोनों ओर से पथराव भी किया गया। मारपीट और पथराव में महिलाओं सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गये। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करा मूर्तियां अपने कब्जे में ले ली। मामले में किसी भी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं करायी है।
गांव मोहम्मदाबाद में ग्राम सभा जमीन पर एक सार्वजनिक कुआं था। कुआं बंद होने पर उसके ऊपर चबूतरा बनाकर तथा क्षेत्र की बाउंड्रीवाल बनाकर जाटव समाज के लोग मंदिर बनाने का प्रयास कर रहे थे। मंगलवार सुबह बनाए गये चबूतरे पर देवीजी और हनुमानजी की प्रतिमाओं को स्थापित कर रहे थे। तभी यादव समुदाय ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लाठी-डंडे और पथराव किया गया। मारपीट के साथ ही पथराव होते ही गांव में अफरा-तफरी मच गयी। बचाव के लिए लोग घरों में घुस गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रेमप्रकाश यादव और थाना प्रभारी पहुंच गए। पुलिस को देख हंगामा कर रहे लोग भाग खड़े हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने देव प्रतिमाओं को थाने भिजवाकर हंगामा कर रहे उपद्रवियों की तलाश की लेकिन कोई भी पकड़ में न आ सका। उपद्रव में एक पक्ष से अरविंद कुमार पुत्र मोहन सिंह, मनोज कुमार पुत्र जगदीश, रूबी पत्नी ओमकार, सुधा पुत्री जयसिंह और दूसरे पक्ष से सीमा पत्नी हरीसिंह व किशन सिंह पुत्र हरी सिंह घायल हो गए। मामले में किसी भी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
बिना अनुमति के मंदिर, मस्जिद ही नहीं कोई भी धार्मिक स्थल बनाना गलत है। अनुमति लिए बिना मंदिर नहीं बनाया जा सकता। सार्वजनिक स्थान पर मंदिर बनाने को लेकर गांव में दो पक्ष भिड़ गए। मौके से मूर्तियों को प्राप्त कर थाने भिजवा दिया गया है। उपद्रव कर रहे दोनों पक्षों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
प्रेमप्रकाश यादव
पुलिस क्षेत्राधिकारी, टूंडला