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मैनपुरी की घटना से गांव नीवरी में कोहराम

Fri, 05 Aug 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
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पुलिस
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जानकारी होते ही फैल गया आक्रोश
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गांव हुआ खाली मौके पर पहुंचे ग्रामीण
मैनपुरी में पंकज और दिलीप की मौत की खबर सुनते ही गांव नीवरी में कोहराम मच गया। लोग मृतकों के परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे। वहीं लोगाें में पुलिस के प्रति आक्रोश था। वहीं काफी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर मैनपुरी के लिए रवाना हो गए।
सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव नगला नीवरी निवासी पंकज, दिलीप, वीकेश, नेत्रपाल और राधामोहन ईंटों को ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर बेचने मैनपुरी गए थे। सुबह करीब छह बजे परिवारीजनों के साथ ग्रामीणों को पंकज और दिलीप की हत्या कर शव तालाब में फेंकने की जानकारी मिली। लोगों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगा दी। दोपहर बाद घटनास्थल से गांव लौटे ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश था। ग्रामीणों की मानें तो ट्रैक्टर मालिक वीकेश गांव के पंकज, दिलीप, नेत्रपाल और राधामोहन के साथ भट्ठे से ईंट लेकर मैनपुरी बेचने गया था। सुविधा शुल्क को लेकर पुलिस से वीकेश, नेत्रपाल और राधामोहन से विवाद हो गया। फोर्स पहुंचते ही तीनों भाग गए, लेकिन पुलिस ने पंकज और दिलीप को पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों को इतना पीटा गया कि मौत हो गई। दोनों के शवों को तालाब में फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से प्रतिदिन ये सभी युवक मैनपुरी ईंट बेचने जाते थे। इसका मैनपुरी के ईंट भट्ठा संचालक विरोध भी करते थे। आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालकों ने पुलिस पर दबाव बनाया कि सिरसागंज से ईंटें लेकर आने वाले युवकों को रोका जाए।
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बुझ गया घर का चिराग टूट गई बुढ़ापे की लाठी
दिलीप की मौत के बाद उसके घर का चिराग बुझ गया। दिलीप अपने पिता राधेश्याम की इकलौती संतान था। करीब एक वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ था। बेटे की मौत की खबर सुन माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। दिलीप का विवाह भी करीब दो वर्ष पूर्व हुआ था। उसके तीन माह का बेटा है।
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गांव में नहीं जले चूल्हे
हादसे की जानकारी के बाद गांव नीवरी में सन्नाटा पसर गया। गांव में चूल्हों में आग नहीं सुलगी। घटना से आक्रोशित ग्रामीण पशुओं को चारा डालना भी भूल गए।
 
शव पहुंचने से पहले पहुंचे अधिकारी
सुबह हादसे की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को मिल गई लेकिनकोई भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। शाम करीब छह बजे शव आने की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ सिरसागंज के साथ थानाध्यक्ष सिरसागंज भी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए।
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