शव की तलाश में पुलिस ने कराई खोदाई
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नौ अगस्त की शाम से लापता है ग्रामीण, बेटे की तहरीर पर लिखी गई थी गुमशुदगी
पिछले 12 दिन पूर्व लापता ग्रामीण की हत्या कर दी गई। यह जानकारी नारखी पुलिस को जांच के दौरान मिली। इस आधार पर नारखी पुलिस ने रविवार को मुनिया खेड़ा गांव के बाहर से गुजर रही नहर के समीप खोदाई कराई। हालांकि शव बरामद नहीं हो सका। वहीं लापता ग्रामीण के बेटे ने पिता की हत्या करने आरोप लगाते हुए नामजद आरोपियों पर शव गायब करने का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
नारखी थाना क्षेत्र के गांव मुनिया खेड़ा निवासी महावीर सिंह पुत्र ज्योतीलाल नौ अगस्त से लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी महावीर सिंह का कोई सुराग नहीं लग सका है। महावीर सिंह के पुत्र जितेंद्र ने गांव के ही कुछ लोगों पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए नारखी पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ग्रामीण के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कर महावीर सिंह की तलाश की। जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि महावीर सिंह की हत्या कर शव को मुनिया खेड़ा गांव के बाहर बह रही नहर के समीप दफना दिया है। इस आधार पर नारखी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नहर के समीप खोदाई कराई। करीब पांच बजे तक खोदाई कराने के बाद भी महावीर सिंह का शव पुलिस बरामद नहीं कर सकी। थानाध्यक्ष नारखी का कहना है कि जितेंद्र ने पिता महावीर सिंह की हत्या का आरोप अर्जुन पुत्र भरत सिंह, महेंद्र पुत्र पोखपाल निवासी मुनिया खेड़ा थाना नारखी और राजेश पुत्र रामबाबू निवासी नातलपुर थाना कासंगज पर लगाया था। जांच के दौरान पता चला कि महावीर सिंह ने आरोपियों के साथ नौ अगस्त की शाम बगीचे में शराब पी थी। इस दौरान महावीर सिंह का आरोपियों से विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपियों ने महावीर सिंह की हत्या कर शव दफना दिया है। शव कहां दफनाया गया है? इसकी जानकारी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी।