दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या करने के मामले में दोषी को अपर जिला जज मीता सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती विगत नौ जून 2012 को तरबूजा लेने गांव के ही एक व्यक्ति की बाड़ी में गई थी। काफी समय बाद भी नहीं लौटने पर परिवारीजनों ने उसकी तलाश की उसका शव दूसरे गांव के एक व्यक्ति के बाजरे के खेत में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच में पुलिस ने इरवान पुत्र इरशाद को युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में दोषी पाते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह यादव ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज मीता सिंह ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 40 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इसके साथ यह भी निर्देश दिए है कि अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रुपये युवती के पिता को दिए जाएं।