विवाहिता की हत्या के बाद पूछताछ करती पुलिस।
नवविवाहिता की हत्या कर शव घर के अंदर छोड़कर ससुरालीजन फरार हो गए। जानकारी पर ग्रामीणों ने मृतका के परिवारीजनों के साथ पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने आरोपी ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिया। सूचना पर क्षेत्रीय विधायक के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद परिवारीजनों ने शव को उठने दिया।
एका थाना क्षेत्र के गांव नगला गोकुल निवासी मान सिंह ने अपनी बेटी रीना का विवाह 27 फरवरी 2017 को थाना क्षेत्र के गांव नगला भूड़ निवासी प्रधानाध्यापक महेश चंद्र कश्यप के पुत्र कुलदीप के साथ किया था। शादी के बाद कुलदीप और उसके परिवारीजनों ने दहेज में पांच लाख रुपये और सोने के आभूषणों की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने शनिवार रात रीना की गला दबा कर हत्या कर दी और शव को घर में छोड़कर भाग गए। रविवार सुबह करीब नौ बजे नगला गोकुल निवासी नारायन सिंह रीना के घर शादी का कार्ड देने पहुंचा। महेश चंद्र और उसके पुत्र को आवाज लगाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो नारायन सिंह ने दरवाजा खोलकर घर में प्रवेश किया। घर में रीना का शव देख नारायन सिंह ने इसकी जानकारी उसके पिता को दी। बेटी की हत्या की सूचना पर मायका पक्ष और ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना पर एका थानाध्यक्ष भी पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया, तो परिवारीजनों ने विरोध शुरू कर दिया। इधर, सूचना पर जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी, जिला पंचायत सदस्य अवधेश कुमार, एसपी देहात अमर सिंह, सीओ जसराना, एसडीएम जसराना भी मौके पर पहुंच गए। नेताओं के साथ पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारीजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका पक्ष की तहरीर पर एका पुलिस ने पति कुलदीप, सास मीना, ससुर महेश और देवर जयदीप के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।