कस्बा एका निवासी किसान बालमुकंद कुशवाहा ने फसल में नुकसान होने पर बुधवार को फांसी लगा ली। उसका शव गांव के बाहर एक पेड़ पर लटका पड़ा मिला। वह अपनी पत्नी से शाम चार बजे खेत पर जाने को कह कर निकला था। किसान की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच करने की बात कह रही है।
परिवारीजनों ने बताया कि बालमुकंद चार भाइयों के बीच तीसरे नंबर का था। उसके दो बेटी और एक बेटा है। उसने पिछले वर्ष पंडित सियाराम से 45 बीघा खेत बटाई पर लिया था। इसमें आलू की फसल लगाई थी लेकिन आलू के दाम गिरने के कारण उसको नुकसान हो गया था। इस बार भी बालमुकंद ने सियाराम से 45 बीघा खेत बटाई पर लेने के साथ ही 18 बीघा में मिर्च और शेष बीघा खेत में आलू की फसल की थी। कोहरे के कारण मिर्च और आलू की फसल खराब हो गई थी। इसको लेकर वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बुधवार शाम चार बजे वह अपनी पत्नी अनीता से खेत पर जाने की बात कहकर घर गया था लेकिन घर नहीं पहुंचा। सुबह ग्रामीण खेतों की ओर गए तो बालमुकंद का शव पेड़ पर लटका देखा। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने उसके परिवारीजनों को दी। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस भी आ गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष एका प्रवेश कुमार ने बताया कि बालमुकंद ने खेती में नुकसान होने के कारण आत्महत्या की है।
कर्ज में बिक गया खेत
बालमुकंद की बुआ के बेटे नरेश ने बताया कि पिछले साल आलू की खेती में नुकसान होने के कारण उस पर कर्ज हो गया था। बेटे पर हुए कर्ज को पटाने के लिए बालमुकंद के पिता फूल सिंह ने अपनी जमीन बेचकर कर्ज पटा दिया था लेकिन इस बार फिर से नुकसान होने के कारण उसने आत्महत्या कर ली।