नसीरपुर थानाक्षेत्र के गांव सजावलपुर में बेटी की डोली उठने के कुछ ही घंटों बाद पिता की अर्थी उठी तो हर आंख नम थी। इच्छा के विरुद्ध बेटी की शादी किए जाने से आहत पिता ने शादी की रस्म पूरी होने से पहले ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवारीजनों को इसकी जानकारी हुई तो शादी वाले परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गांव सुजावलपुर स्थित रघुनाथ की ठार पर मुन्नालाल यादव (55) की तीसरे नंबर की बेटी अनीता की शुक्रवार शाम को आगरा के बाह थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर से बरात आई थी। दरवाजे की रस्म पूरी होने के साथ ही वरमाला का कार्यक्रम भी पूर्ण हो चुका था। सुबह करीब चार बजे अनीता फेरो के लिए मंडप पर पहुंची तभी मुन्नालाल घर से निकल गए और गांव के बाहर खेत में खड़े नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इसकी जानकारी जब उनके परिवारीजनों को हुई तो कोहराम मच गया। नाते रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ परिवारीजन मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने से पूर्व परिवारीजनों और रिश्तेदारों ने शादी की बाकी रस्में पूरी की और अनीता की विदा कर दी।
मुन्नालाल को मंजूर नहीं था यह रिश्ता
नसीरपुर थानाध्यक्ष के अनुसार मुन्नालाल अनीता का विवाह किसी अन्य जगह करना चाहते थे, लेकिन उनकी पत्नी ने अपने पुत्र बबलू के साथ मिलकर यह रिश्ता तय किया था। इसको लेकर परिवार में विवाद भी हुआ था, लेकिन पत्नी और पुत्र ने मुन्नालाल की एक भी बात नहीं मानी।
इससे वह परेशान रहता था। यही कारण रहा कि उसने बेटी का कन्या दान करने से पूर्व आत्महत्या कर ली। मुन्नालाल के दो पुत्र और पांच पुत्रियां हैं। बडे़ पुत्र बबलू, पुत्री रेनू और विनीता का विवाह हो चुका है। अनीता की 28 अप्रैल को शादी हो रही थी।