आदित्य हत्याकांड: जेल के अंदर नहीं मिलेंगे मां-बेटे और भाई
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सभी आरोपियों को अलग- अलग बैरक में रखा
एक नंबर बैरक में रखा गया पवन सिंघल, मां महिला बैरक में
जेल की चार दीवारी में बंद पवन और रोहन सिंघल एक दूसरे का चेहरा नहीं देख सकेंगे। पवन और रोहन सिंघल के साथ तीनों मजदूरों को भी अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। वहीं पवन और रोहन की मां महिला बैरक में बंद है।
आदित्य हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं मुकदमे में नामजद होने के बाद भी पुलिस पवन सिंघल को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पवन की गिरफ्तारी न होने से पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी करा लिए। इसके चलते पवन ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। यहां से पुलिस हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया। शुक्रवार शाम जेल पहुंचे पवन को सभी आरोपियों से अलग रखा गया। जेल अधीक्षक एमए खान ने बताया कि आदित्य हत्याकांड के छह आरोपी जेल में बंद है। इसमें मुख्य आरोपी रोहन सिंघल, पवन सिंघल, मां सीमा सिंघल, ठेकेदार पवन और दो अन्य लोग भी शामिल है। इन सभी आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि सभी आरोपियों को अलग अलग रखा गया है, जिससे जेल में किसी अन्य घटना को अंजाम नहीं दे सकें। आरोपियों की एक दूसरे से जेल के अंदर मुलाकात भी नहीं कराई जा रही है।
जेल में बंद पवन ने खुद को बताया निर्दोष
न्यायालय में आत्म समर्पण कर जेल गए पवन सिंघल से पूछताछ के लिए शनिवार को थाना टूंडला पुलिस जेल पहुंची। यहां करीब एक घंटे की पूछताछ में पवन सिंघल ने अपने आप को निर्दोष बताया। कोतवाल टूंडला राजीव यादव ने बताया कि पवन सिंघल अपने आप को निर्दोष बता रहा है। उसका कहना है कि आदित्य के अपहरण और उसकी हत्या के बारे में उसे जानकारी नहीं है। वह तो वैष्णो देवी दर्शन करने गया था। लौटते समय उसे घटना की जानकारी होने के साथ ही आदित्य हत्याकांड में नाम आने की सूचना मिली। इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया था। इस दौरान वह कहां-कहां रहा, इसकी जानकारी उसने पुलिस को दी। कोतवाल टूंडला का कहना है यदि आवश्यकता पड़ी तो पवन सिंघल को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जाएगी।