फिरोजाबाद। जिले के गली-मोहल्लों में संचालित हो रहीं अवैध पैथोलॉजी पर शिकंजा कसा जाएगा। शासन के आदेश पर सीएमओ ने चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। यह टीम पैथोलॉजी को बंद कराकर शासन को रिपोर्ट सौंपेंगी। हालांकि आदेश आते ही अवैध पैथोलॉजी संचालक स्वास्थ्य विभाग से पहले ही सर्तकता बरतने लगे हैं। कई पैथोलॉजी पर ताले लगा दिए हैं।
जिले में करीब 30 पैथोलॉजी ही पंजीकृत हैं। लेकिन शहर से देहात क्षेत्रों में करीब 800 से ज्यादा पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा है। सबसे खास बात है कि जो पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। उनमें सिर्फ चिकित्सक का नाम कागजों में है। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग का संरक्षण पूरी तरह प्राप्त है। जबकि प्रशिक्षित लोग जांच करके रिपोर्ट दे रहे हैं। वहीं, गली, मोहल्लों में हर झोलाछाप क्लीनिक के पास पैथोलॉजी संचालित हो रही है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग तो इन अवैध पैथोलॉजी पर मेहरबान हैं, लेकिन शासन ने इन पैथोलॉजी के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
शासन का आदेश आने के बाद सीएमओ ने चार सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें एसीएमओ डाॅ. बृजमोहन, नोडल अधिकारी डाॅ. विश्वदीप अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डाॅ. कमलकिशोर वर्मा और डाॅ. पवन वर्मा को टीम में शामिल किया है। यह टीमें सात दिन में सभी अवैध पैथोलॉजी बंद कराकर रिपोर्ट शासन को देंगी।
-सात पैथोलाॅजी के पंजीकरण किए थे निरस्त, एक दिन भी नहीं हुईं बंद
डेढ़ माह पूर्व सीएमओ ने सात पैथोलॉजी के पंजीकरण निरस्त किए थे। इनमें दूसरे जिलों के चिकित्सक के नाम से पंजीकरण था। वह चिकित्सक भी अपनी पैथोलॉजी संचालित कर रहे थे। मगर, यह पैथोलॉजी एक दिन भी बंद नहीं रहीं। इनमें अधिकांश पैथोलॉजी ने खानापूर्ति करके रजिस्ट्रेशन दोबारा करा लिए थे। मगर, आज भी यह पैथोलाॅजी बिना चिकित्सक के चल रही हैं।
-शासन से आदेश है कि अवैध पैथोलॉजी को बंद कराया जाए। हमने चार सदस्यीय टीम गठित कर दी हैं। जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देंगी।
डाॅ. रामबदन राम, सीएमओ