फिरोजाबाद। लंबे इंतजार के बाद सौ शैया अस्पताल का एसएनसीयू आधुनिक होने जा रहा है। अब गंभीर नवजात बच्चों को हायर सेंटर रेफर नहीं करना पड़ेगा। उखड़ती सांसों को थामने के लिए कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (सीपैप) मशीन स्थापित की जाएगी। इससे नवजात जिंदगी के दामन में मुस्कुराएगा। शासन ने सीपैप मशीन के लिए स्वीकृति दे दी है। करीब सात लाख रुपये लागत की मशीन को स्थापित किया जाएगा।महिला अस्पताल में अब तक नवजात बच्चों का इलाज सिर्फ वॉर्मर पर चल रहा था। इस समय महिला अस्पताल में 13 वॉर्मर हैं और 26 से लेकर 36 तक नवजात बच्चे यहां भर्ती होते हैं। हमेशा एसएनसीयू पर ओवरलोड रहता है। क्योंकि अधिकांश प्राइवेट अस्पतालों और देहात क्षेत्रों के किसी भी अस्पताल मे एसएनसीयू की सुविधा नहीं है। सौ शैया अस्पताल में सुविधा है, लेकिन यहां एसएनसीयू में वेंटीलेटर और सीपैप मशीन नहीं थी। इससे गंभीर नवजातों की जिंदगी की डोर टूट जाती थी।
अब महिला अस्पताल के एसएनसीयू में आधुनिक सीपैप मशीन आएंगीं। जिन नवजात बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है, उन्हें यह मशीन लगाई जाएगी। हाईप्रेशर पर उन्हें ऑक्सीजन मिल सकेगी। इसके बाद बच्चों को कोई खतरा नहीं रहेगा। हर वक्त उनकी पल्स और ऑक्सीजन आदि देखने के लिए मॉनीटर भी लगाए जाएंगे। बाल रोग विभागध्यक्ष डाॅ. एलके गुप्ता ने बताया कि सीपैप मशीन की कीमत करीब सात लाख रुपये है। इससे एसएनसीयू में काफी सुधार होगा। नवजात बच्चों को कहीं और रेफर करना नहीं पड़ेगा।
-महिला अस्पताल के एसएनसीयू में काफी समय से कई मशीनों को मंगाने की कोशिश चल रही थी। जल्द ही सीपैप मशीन आ जाएगी। शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। एसएनसीयू पर सर्वाधिक भार है। बेहतर सुविधा देने के लिए यह इंतजाम किए जा रहे हैं।
डाॅ. बलवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज