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Firozabad News: नाबालिग से कुकर्म के दोषी शिक्षक को 11 साल की सजा, 30 हजार का अर्थदंड

Fri, 12 May 2023 11:50 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

Firozabad News: फिरोजाबाद में अदालत ने नाबालिग से कुकर्म के दोषी शिक्षक को 11 साल की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। 
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Firozabad News: नाबालिग से कुकर्म के दोषी शिक्षक को 11 साल की सजा - फोटो : अमर उजाला, आगरा
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अदालत ने नाबालिग छात्र से कुकर्म करने के दोषी शिक्षक को 11 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पांच वर्ष पहले पीड़ित के पिता ने शिक्षक पर अप्राकृतिक कृत्य करने के मामले में थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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मामला उत्तर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक गांव का है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। बताया कि उसका दस वर्षीय पुत्र कक्षा पांच में अध्यनरत है। जून माह में स्कूल की छुट्टियों के दौरान 20 जून 2018 को शिक्षक मधुसूदन दास शुक्ला निवासी न्यू रामगढ़, जलेसर रोड, थाना उत्तर, फिरोजाबाद उसके घर आए।

स्कूल जाने से कतराने लगा बच्चा

शिक्षक ने कहा कि बच्चे का होमवर्क पूरा का पूरा बाकी है। इसे हमारे रूम पर भेज देना, हम होमवर्क पूरा करा देंगे। छात्र जब शिक्षक के कमरे पर गया तो उसके साथ कुकर्म किया। छात्र ने डर की वजह से घर पर कुछ नहीं बताया। इधर, वह स्कूल जाने से कतराने लगा। इस पर घर वालों को कुछ शक हुआ। जब छात्र से पूछताछ की गई तो उसकी बात सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 
 
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धमकी व अभद्रता पर उतर आया शिक्षक

इस पर परिजन स्कूल जाकर शिक्षक से बात की तो वह धमकी देने लगा व अभद्रता पर उतर आया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। शिक्षक मधुसूदन दास शुक्ला के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एवं निस्तारण अपर सत्र न्यायाधीश एवं अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-एक अवधेश कुमार सिंह की न्यायालय में की गई। 

अदालत ने शिक्षक को दोषी पाया

न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों का गहनता से अध्ययन करने के बाद शिक्षक मधुसूदन दास शुक्ला को दोषी पाया। उन्होंने लैंगिंग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा-चार के तहत दोषी को 11 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित छात्र को देने की आदेश दिया।
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