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Firozabad News: निगम ने करोड़ों से खरीदे वाहन, कुछ महीने बाद ही हो गए खराब

Thu, 28 Mar 2024 02:09 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। स्वच्छ भारत मिशन एवं 15वें वित्त से नगर निगम ने करोड़ों की लागत से खरीदे गए कुछ वाहनों में पांच तो कुछ में नौ माह बाद तकनीकी खराबी आना शुरू हो गई। इसका खुलासा उस समय हुआ जब इन वाहनों के चालकों ने शिकायत की। निगम के अफसरों ने इन वाहनों की गुणवत्ता खराब होने के मामले को गंभीरता से लिया है। आपूर्ति करने वाली दो फर्मों को नोटिस थमाए हैं। तीन दिन में सही कराने की चेतावनी दी है। अन्यथा संस्था को ब्लैक लिस्ट करने व अभियोग दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने 6 दिसंबर 2022 को 15वें वित्त आयोग की धनराशि से 14 ट्रैक्टर व ट्रॉली की खरीद को निविदा जारी की थी। शहर में कूड़ा एकत्र करने के लिए 35 से 45 हार्सपावर (एचपी) वाले 14 ट्रैक्टर मय ट्रॉली की आपूर्ति 24 मई 2023 को फर्म मैसर्स अरबन एन्वायोटैक सर्विसेज गांधी नगर गाजियाबाद ने की थी। यह वाहन एक करोड़ से अधिक कीमत के हैं। नौ माह के भीतर ही इन ट्रैक्टर ट्राॅली में काफी खराबी सामने आने लगी। चालकों ने शिकायत की तो इनकी जांच पड़ताल नगर निगम के अफसरों ने की। उन्होंने पाया कि तकनीकी खराबी के कारण यह वाहन प्रयोग में लाने के बजाय वर्क्सशॉप में शोपीस की भांति खड़े हैं।
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इस मामले में गाजियाबाद की फर्म मैसर्स अरबन एन्वायोटैक सर्विसेज गांधीनगर को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में वाहनों की खामियों को दूर कराने के निर्देश दिए हैं। वाहनों को ठीक नहीं कराने पर फर्म को काली सूची में डालने की चेतावनी है। यही नहीं दूसरा मामला स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा है। इसमें निगम ने 30 अक्तूबर 2023 को 15 लाख कीमत का कैटल कैचर वाहन भी तकनीकी खराबी के चलते बेकार खड़ा है। इस कैटल कैचर को मैसर्स गोविंदा फर्नीचर दुर्गानगर ने आपूर्ति किया था। यह वाहन तो महज पांच माह में ही तकनीकी रूप से खराब हो गया। निगम अफसरों ने इस फर्म को भी नोटिस थमाया है।

शिकायतों की अनसुनी करते रहे अफसर
सहायक नगर आयुक्त की निहालचंद्र की ओर से फर्मों को जारी नोटिस में इस बात का जिक्र किया है कि किस वाहन में क्या खामी है। इसमें कूड़ा उठाने के लिए खरीदे ट्रैक्टर के चेसिस टेढ़े हो गए हैं। हाईड्रोलिक जैक में खराबी के साथ डेस्कबोर्ड की डिस्प्ले भी खराब हैं। जबकि केटल कैचर का हाईड्रोलिक जैक खराब होने के कारण वर्कशाॅप में खडी करा दी गई है। फर्म द्वारा निविदा शर्तों को ताक पर रख कैटल कैचर का पंजीकरण भी एआरटीओ कार्यालय में नहीं कराया।
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जिन फर्मों से ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं कैटल कैचर की खरीद हुई है। उन फर्मों की धरोधर राशि अभी निगम में जमा है। संबंधित फर्माें ने ट्रैक्टर-ट्राॅली व कैटल कैचर वाहनों तकनीकी गड़बड़ी दुरुस्त कराने के लिए कहा है। अगर फर्में वाहनों की तकनीकी गड़बड़ी दुरुस्त नहीं कराएंगे तो कार्रवाई होगी।घनश्याम मीणा, नगर आयुक्त नगर निगम
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