बाइक सवार युवकों को जिस कंटेनर चालक ने कुचल दिया था, वो पुलिस से आंख बचाकर फरार हो गया है। लोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया था। वो अस्पताल में भर्ती था, जहां से रफूचक्कर हो गया।
फिरोजाबाद के थाना नारखी क्षेत्र में 3 अगस्त की रात को बाइक सवार लखनऊ के युवकों को रौंदने वाले चालक को लोगों ने पथराव कर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया था। जहां आराम मिलने पर चालक बिना किसी का बताए रफूचक्कर हो गया। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। जबकि पुलिस को उसका नाम पता सब पता था। इसके बाद भी मुकदमें में चालक को अज्ञात दर्शाया गया है।
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3 अगस्त की रात शहरी क्षेत्र में एक कंटेनर चालक द्वारा दो बाइक सवारों को रौंद दिया जाता था, जिसमें दोनों की मौत हो गई। चालक दोनों को आठ किलोमीटर तक घसीट कर ले गया। नवाब कॉलेज के पास लोगों ने पथराव कर कंटेनर रोक लिया। इसके बाद चालक को जमकर पीटने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। उत्तर पुलिस ने चालक को सरकारी ट्रामा में भर्ती कराया था। मरने वाले दोनों युवक लखनऊ के थे, जो दिल्ली जा रहे थे। रात भर पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। थाना उत्तर, रामगढ़ और नारखी क्षेत्र की पुलिस की आपस में बहस होती रही।
दूसरे दिन जानकारी हुई कि सड़क हादसा नारखी थाना क्षेत्र में हुआ है। पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिए। लेकिन किसी ने भी अस्पताल में भर्ती कंटेनर चालक पर ध्यान नहीं दिया। हालत में सुधार होने पर चालक अस्पताल से भाग गया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी और न पुलिस ने इसकी जानकारी की। कंटेनर चालक शिकोहाबाद क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। चालक के फरार होने की जानकारी पर पुलिस अपने पल्ला बचाने में जुट गई है। नारखी थाना प्रभारी बैजनाथ सिंह ने बताया कि मृतक के परिजन ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। चालक को अस्पताल में भर्ती उत्तर थाना पुलिस ने कराया था। उसके भाग जाने की कोई जानकारी नहीं है।