-बड़ों के साथ बच्चों में तेजी से फैल रहा है कंजेक्टिवाइटिस
फिरोजाबाद। आंखों में संक्रमण बढ़ा है, शहर से लेकर देहात तक लोग इसकी चपेट में हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। इस कारण स्कूलों में छात्र संख्या घट गई है। यमुना किनारे बसे गांवों में घर-घर आंखों का संक्रमण फैला है, उन इलाकों के स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम हो गई है। इधर, शहर के स्कूलों में भी आंखों के संक्रमण के चलते 25 फीसदी उपस्थिति घट गई है। अभिभावक अपने बच्चों को आंखों के संक्रमण से बचाने के लिए स्कूल नहीं भेज रहे हैं। दूसरी ओर कई स्कूल संचालकों ने अभिभवकों को मैसेज भेजना शुरू कर दिए है कि उनका बच्चा वायरल कंजेक्टिवाइटिस के लक्षण का शिकार है तो उसका अवकाश रखें।
जिले में वायरल कंजेक्टिवाइटिस इस समय तेजी से फैल रहा है। चार दिन से नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर दूसरा मरीज यह समस्या लेकर आ रहा है। सोमवार को नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या 270 तक पहुंच गई। इसमें 150 मरीज आई फ्लू से पीड़ित थे। यानी अब हर दूसरा मरीज वायरल कंजेक्टिवाइटिस की चपेट में आ रहा है। इसके अलावा शहर के निजी नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों पर इससे कई ज्यादा मरीज आंखों के फ्लू से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
स्कूल में 50 या उससे अधिक बच्चे पास बैठते हैं। ऐसे में कक्षा में दो, चार बच्चों में यह बीमारी होने से अन्य बच्चों में भी यह समस्या तेजी से आ रही है। आंख थोड़ी लाल होने पर अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। अभिभावकों को मैसेज भेजने के अलावा प्रार्थना सभा में समझाया जा रहा है कि आंख में फ्लू हो तो अवकाश रखें। ऐसे में स्कूलों में छात्र संख्या 25 फीसदी तक कम हो गई है। देहात क्षेत्रों में यह बीमारी सबसे ज्यादा फैल रही है।
मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागध्यक्ष डाॅ. प्रेरणा उपाध्याय ने बताया कि ओपीडी में हर दूसरा मरीज कंजेक्टिवाइटिस का शिकार हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में देखने को मिल रही है। क्यों कि क्लास में एक बच्चे को यह रोग होता है तो अन्य बच्चों में यह तेजी से फैल जाता है। यदि किसी को कंजेक्टिवाइटिस की समस्या है तो काला चस्पा पहनकर रहें, चिकित्सक से तुरंत इलाज कराएं।
यह हैं फ्लू के शुरुआती लक्षण
-आंखों में गर्म लगना
-आंसू निकलना
-हल्का दर्द शुरू होना
-खुजली होना