फिरोजाबाद। यदि आप बीमार हो और आपको मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो अपना कंबल से घर से साथ लाएं, क्योंकि अस्पताल में आपको कंबल की सुविधा नहीं मिलेगी। सर्दी में आपको पूरी रात बिना कंबल के गुजारनी पड़ेगी। मंगलवार को रात्रि अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों को कंबल उपलब्ध नहीं कराए गए थे। अधिकांश मरीज घर से कंबल लेकर आए। जो मरीज दूर-दराज से इलाकों से आए थे, वे ठिठुरते नजर आए।
सर्दियां शुरु हो गई हैं। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वार्ड नंबर एक में रात्रि 11 बजे लगभग सभी पलंग फुुल थे। किसी भी मरीज के पास अस्पताल का कंबल नहीं था। मजबूरी में तीमारदार अपने-अपने मरीजों के लिए घर से कंबल लेकर आए और खुद ठंड में ठिठुरकर रात्रि गुजारते दिखे। अस्पताल के वार्ड नंबर दो और तीन का भी ठीक यही हाल था।
वार्ड नंबर दो में सो रहा स्टाफ, तीन से थे नदारद
मंगलवार रात्रि 11 बजे वार्ड नंबर दो में एक स्टाफ था, जो बेंच पर कंबल ओढ़कर सो रहा था। वार्ड नंबर तीन में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। ऐसे में जिन मरीजों के रात्रि में ड्रिप लगती है, वह स्टाफ को इधर-उधर तलाश करके लाते हैं।
- मरीजों की सुविधाओं का ध्यान दिया जा रहा है। जिन मरीजों को कंबल की जरूरत होती है, उन्हें उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हम वार्ड का निरीक्षण करेंगे। जो भी मरीजों की सुविधाओं के लिए बेहतर हो सकेगा, उस कार्य को करेंगे। मरीजों को अस्पताल में किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पडे़गा। यदि स्टाफ भी लापरवाही करता नजर आएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डा. बलवीर सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
रात में ढूंढना पड़ता है स्टाफ को
हमारा मरीज वार्ड में भर्ती है। यहां कंबल नहीं दिए गए तो सर्दी से बचने के लिए घर से ही इंतजाम करके लाना पड़ा। स्थिति यह है कि यदि रात्रि में मरीज को कोई दिक्कत को हो तब स्टाफ को ढूंढना पड़ता है। - आशीष कुमार, हिमांयुपुर
- हमारा मरीज वार्ड में भर्ती है। पूरे वार्ड में ही किसी मरीज को कंबल नहीं दिए। सर्दी बढ़ गई है तो हमने कंबल अपने मरीज को ओढ़ा दिया है। हम ऐसे ही रात गुजारेंगे। क्योंकि हमारा घर काफी दूर है। - अरविंद कुमार, ग्राम सिंहपुर
- अस्पताल में भर्ती हैं। हमें रात के समय सर्दी लगती है तो घर से ही कंबल मंगाया। यह सुविधा तो अस्पताल की तरफ से होनी चाहिए। - विजय कुमार, निवासी रहना