1008 भगवान मुनिसुव्रत नाथ का निर्वाण महोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान चंद्रप्रभु जिनालय में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। वहीं जैन मुनि श्री प्रमुख सागर महाराज ने धर्मसभा को भी संबोधित किया।
धर्मसभा में जैन मुनि श्री प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि जिनालय में बैठकर भी अशुभ उपयोग हो सकता है। काम योग जिनालय में था और मन योग वेश्यालय में घूम रहा था। इस प्रकार जिनालय में भी बैठने से क्या फायदा? इसके बाद मुनिश्री के सानिध्य में कलश यात्रा चंद्रप्रभु जैन मंदिर से निकाली गई, जो राजकुमार जैन कर्नाटक निवास पर संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। कलश स्थापना मुनिश्री ने कराई।
मुनिश्री के मंगल विहार में उमड़ी भीड़
मुनिश्री 108 प्रमुख सागर जी महाराज का मंगल विहार धूमधाम से हुआ। श्रद्धालुओं ने जैन मुनि को विदाई दी। इस समारोह में चंद्रप्रकाश जैन, महेंद्र जैन, वीरेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, राजीव रागी, निर्मल जैन उपभोक्ता, निमेष जैन, प्रमोद जैन राजा आदि उपस्थित रहे।