फिरोजाबाद। कैंसर के मरीजों की संख्या में पांच गुना इजाफा हुआ है। सुहागनगरी में कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में संचालित ओरल कैंसर ओपीडी में कैंसर के लक्षण होने पर जांच के लिए आने वाला हर दूसरा मरीज पॉजिटिव निकला है। गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर दिया गया, जबकि 2022 में हर पांच मरीज ओरल कैंसर से पॉजिटिव पाया गया।मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग में ओरल कैंसर ओपीडी की शुरुआत 4 अप्रैल 2022 को हुई थी। एक साल में ओपीडी में 4800 लोग मुख कैंसर से मिलते-जुलते लक्षण को देखकर जांच कराने पहुंचे। इसमें 960 मरीज ओपीडी में मुख कैंसर पॉजिटिव पाए गए। 2023 फरवरी से 2024 फरवरी के आंकड़े जनपद के लिए खतरे की घंटे साबित हो रहे हैं। इस एक साल में 9 हजार लोग ओरल कैंसर की आशंका लेकर जांच कराने पहुंचे। इसमें 5400 मरीजों में कैंसर पॉजिटिव मिला है। यानी हर रोज 15 मरीज ओरल कैंसर के सामने आ रहे हैं। इनमें शुरुआती लक्षण वाले मरीजों का उपचार जनपद में कर दिया गया। गंभीरवस्था में आ चुके मरीजों को रेफर किया गया।
जल्द इलाज से कम हो सकता है खतरा
मुख कैंसर जिले में तेजी से बढ़ रहा है। एक साल में 5400 मरीज कैंसर से पीड़ित मिल चुके हैं। तंबाकू, सिगरेट का सेवन मुख कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। कैंसर की पहली स्टेज में ही अस्पताल पहुंचने वाले रोगी के बचने के 90 प्रतिशत चांस होते हैं। दूसरी स्टेज में इलाज करवाने वाले रोगी के बचने के 70 प्रतिशत।
सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर बढ़ रहा
महिलाओं में सर्वाइकल और स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाएं 35 की उम्र के बाद जांच कराते रहे। हर तीन वर्ष में एक पेप टेस्ट करवाएं, क्योंकि समय पर पता लगने से इलाज में आसानी होती है। ब्रेस्ट कैंसर के सेल्फ जांच करना बताते हैं, इसके लिए हम जागरुकता कार्यक्रम कराते हैं। ऐसी महिलाएं लक्षण मिलते ही जांच कराएं। अब सर्वाइकल कैंसर से बचाव की कई वैक्सीन आ गई हैं।
डाॅ. मिली अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ
यह हैं मुख कैंसर के लक्षण
-मुंह का कम खुलना।
-मुंह के किसी भी हिस्से में सफेद व लाल धब्बे पड़ना।
-मुंह के छाले होना, दवाइयों से ठीक न होना।
-मुंह के अंदर गांठ जैसा अनुभव होना।
-मुंह के किसी भी हिस्से से बदबू आना।