फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों में छह माह बाद किताबें आना शुरू तो हुईं, लेकिन आधी अधूरी। ऐसे में शिक्षक किसे किताबें दें और किसे नहीं। आंकड़ों की बात करें तो बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 13 लाख किताबें आनी थीं। विभाग का दावा है कि 11 लाख किताबें आ चुकी हैं। हालांकि कई किताबें संकुल स्तर पर डंप हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्राथमिक विद्यालय कोटला बालक में देखने को मिला। कक्षा पांच के 18 बच्चों में से सिर्फ पांच के लिए किताबें भेजी गई हैं। कक्षा चार में 24 बच्चे हैं, उनमें से चार के लिए किताबें आईं हैं। प्रधानाध्यापक शीबा हासिम ने बताया कि किसे किताबें दें, किसे किताबें न दें। जिस छात्र को किताब नहीं दी, उसके अभिभावक शिकायत करने के लिए विद्यालय आ रहे हैं।
अधिकांश किताबें आ गई हैं। किताबों को सभी स्कूलों में पहुंचाने के आदेश हैं। हमने छात्र संख्या मांगी थी, उसी हिसाब से किताबें पहुंचा रहे हैं। जहां किताबें कम पहुंची हैं, वहां कुछ न कुछ व्यवस्था करेंगे। अंजली अग्रवाल,बीएसए