टूंडला। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के परिजन व गांव वाले झूम उठे। लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाते हुए तिरंगा यात्रा निकाली। मिठाई बांटकर एक-दूसरे के साथ खुशी का इजहार किया। वैज्ञानिक धर्मेंद्र इसरो (भारतीय अनुसंधान संस्था) की निगरानी टीम में शामिल हैं। 14 जुलाई को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर चंद्रयान-3 की लांचिंग हरिकोटा से हुई थी। इसकी निगरानी बंगलूरू से की जा रही है। इस अभियान में टूंडला के थाना नगला सिंघी अंतर्गत गांव टीकरी निवासी धर्मेंद्र यादव भी शामिल हैं। परिजन के अनुसार वह इस अभियान में प्रोजेक्ट वैज्ञानिक की भूमिका निभा रहे हैं। चंद्रयान-3 की लैंडिंग देखने के लिए समूचा गांव एकत्रित था। हाथों में तिरंगा लिए लोग भारत माता के जयकारे लगा रहे थे। कुछ युवा वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के भी जयकारे लगा रहे थे। जैसे ही छह बजकर चार मिनट पर चंद्रयान-3 चंद्रमा पर, वैसे ही पूरा गांव भारत माता के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
इसरो वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के पिता शंभूदयाल यादव बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि चार साल पहले चंद्रयान-2 में भी उनका वैज्ञानिक बेटा शामिल था। उसमें सफलता नहीं मिल पाई थी। तब से उन्हें इस पल का इंतजार था। भारत की इस सफलता में बेटे के योगदान पर उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता के लिए यूं तो समूचा देश पूजा पाठ कर रहा था, लेकिन वे व उनका परिवार भी भगवान से सफलता के लिए प्रार्थना कर रहा था। चंद्रयान-3 की लैंडिंग होना हमारे देश के लिए हमारे गांव के लिए गर्व की बात है।