फिरोजाबाद। सुहागनगरी का रामलीला मैदान सिर्फ रामलीला मंचन से जुड़ा नहीं है। यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कदम भी पड़े थे। उन्होंने कांग्रेस की स्थापना के बाद स्वतंत्रता आंदोलन को कड़ी धार दी थी। उनकी सभा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों से हिस्सा लिया।वरिष्ठ अधिवक्ता अनूपचंद्र जैन बताते हैं 1929 में अनंत चतुर्दशी वाले दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सुहागनगरी में आगमन हुआ था। उन्होंने रामलीला मैदान में सभा की, आवाज हल्की थी, माइक नहीं था, बापू की बात चंद्रपाल जौहरी जनता को सुनाते थे। इस समय बापू ने स्वतंत्रता आंदोलन में सहयोग का आह्वान करते हुए अपनी टोपी को सिर से उतारा था। उस समय नगर की महिलाओं ने अपने आभूषण उतारकर स्वतंत्रता आंदोलन के लिए दान कर दिए थे।
उन्होंने बताया कि गांधीजी ने पं. बनारसी दास चतुर्वेदी का कई बार जिक्र किया। उन्होंने ने बताया रामलीला की विशाल सभा के दौरान स्वागत गान अमृतलाल चतुर्वेदी ने गाया था। रात्रि विश्राम डाकबंगला में करने के बाद मक्खनपुर में राजाबाबू गुप्ता के नेतृत्व में 1101 की थैली भेंट की गई थी।
निगम ने सजाया गांधी पार्क
गांधी पार्क स्थित लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल के आसपास निगम ने रंग-बिरंगी लाइटों की व्यवस्था की। पूर्व संध्या पर लोग महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल के आसपास फोटो क्लिक कराते दिखाई दिए।
आज स्कूलों में होंगे कार्यक्रम
आज स्कूलों में देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महात्मा गांधी के बारे में लोग बच्चों को बताया जाएगा।