फिरोजाबाद। अमर उजाला समाचार पत्र अपने 75 वर्ष पूरे करने के साथ आज 76वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। अमर उजाला अपने बीते कार्यकाल के दौरान किसी का साथी बनने के बजाय जनता की आवाज बना। सुहागनगरी की जनता के हक की आवाज को बुलंद किया। चाहे दो सितंबर 1975 को मुंशिफी की स्थापना के दौरान जिला बनाने की संपादकीय ने आंदोलन की अलख जगाई थी। फिरोजाबाद के कांच उद्योग को मिलने वाली नेचुरल गैस, नगर निगम का दर्जा दिलाने के साथ कई समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया। युवाओं के लिए जनरल नॉलेज, रोजगार की नई जानकारी तथा महिलाओं की पहली पसंद रूपायन काफी पसंदीदा है। अमर उजाला संवाद के दौरान शहर के प्रबुद्धजनों ने यही कहा कि भविष्य में यह समाचार पत्र अपनी इसी शुचिता के साथ बढ़ता रहेगा। शिक्षाविद् डाॅ. मयंक भटनागर ने कहा कि मेरा अमर उजाला से जुड़ाव बचपन से रहा। अमर उजाला के संस्थापकों की तरह मेरी मां एवं पिता ने स्कूल की स्थापना और खुद पढ़ाने का काम किया। उसी तरह अमर उजाला जनता की आवाज बना। छात्र-छात्राओं के साथ युवाओं के लिए काफी कार्यक्रम कराए जाते हैं। कंपटीशन के माध्यम से छात्राओं को नई दिशा प्रदान करता है।
एसआरके महाविद्यालय के प्रो. प्रभाकर राय ने कहा कि मैंने 1968 में जब एसआरके काॅलेज में ज्वाइंनिंग की तभी से अमर उजाला का पाठक हूं। हर सुबह यदि अमर उजाला न पढ़ लूं तो लगता है कुछ अधूरा रह गया। समसामायिक घटनाओं पर लेख, बिना किसी दबाव एवं निष्पक्षता के साथ खबर लिखना इसकी पहचान बन गया। रचनात्मक खबरों को प्राथमिकता दी जाती है।
ईदगाह कमेटी के सचिव इसरार अहमद ने कहा कि वर्ष 1972 से अमर उजाला से जुड़ा हूं। यह समाचार पत्र दूसरों से काफी बेहतर है। यहां सटीक खबर मिलती है। एमजी काॅलेज की प्रो. संध्या द्विवेदी ने कहा कि 2018 में पश्चिमी यूपी से जुड़ाव हुआ। यहां स्कूल आने वाली छात्राओं से पूछा तो अधिकांश अमर उजाला पढ़ने की बात कही। इसके बाद देखा कि युवाओं, महिलाओं के साथ बेटियों के लिए काफी अच्छी खबरें होती हैं। यही कारण है कि पश्चिमी यूपी का नंबर एक समाचार पत्र है।
व्यापारी नेता बीएस गुप्ता ने कहा कि अमर उजाला से जुड़ाव 1960 से है। निष्पक्ष रूप से समाचार को प्रकाशित करना इसकी पहचान है। समाजसेवा के क्षेत्र में अमर उजाला काफी बेहतर ढंग से काम करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के बदलते मायनों के बीच खुद को स्थापित बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है अमर उजाला उसे स्वीकार करके आगे बढ़ रहा है।
फिरोजाबाद उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रवींद्र लाल तिवारी ने कहा कि मैं तो 1979 से अमर उजाला से जुड़ा हूं। पूरी निष्पक्षता के साथ समाचारों को लिखना, व्यापारी व जनता की आवाज बुलंद करना इसका प्रमुख कार्य रहा है। डाॅ. एसपी लहरी ने कहा कि अमर उजाला में राजनैतिक, चिकित्सा, शिक्षा के साथ विकास संबंधी खबरों को वरीयता मिलती है। निशुल्क चिकित्सा कैंप, रक्तदान कैंप के साथ बेटियों के जागरुकता कार्यक्रम जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव है। व्यापारी निर्मल कुमार जैन ने कहा कि 1969 से अमर उजाला को पढ़ता चला आया, पत्नी एवं बच्चों के साथ मेरे दामाद असिस्टेंट कमिश्नर इंदौर संदीप कुमार जैन खुद भी अमर उजाला मंगाते हैं। युवाओं के रोजगार के कालम, महिलाओं के लिए रुपायन सबसे अधिक पसंद है।
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अमर उजाला समाचार पत्र को 1960 से पढ़ रहा हूं जब एक आने का आता था। इस समाचार पत्र के लिए स्व. डोरीलाल अग्रवाल, स्व मुरारीलाल माहेश्वरी ने बहुत संघर्ष किया। फिरोजाबाद में स्व. गोपाल प्रसाद अग्रवाल उस समय सक्रिय थे। दो सितंबर 1975 को फिरोजाबाद में मुंशिफ न्यायालय की स्थापना हुई तो उसी दिन के अमर उजाला के संपादकीय में छपा था फिरोजाबाद जिला बनना चाहिए। फिर यहीं से ही जिला बनाओ संघर्ष समिति बनीं और आंदोलन हुए आखिर पांच फरवरी 1989 को फिरोजाबाद जिला बना था। इसमें अमर उजाला की महत्वपूर्ण भूमिका थी। अमर उजाला ने गरीबों, पीड़ितों की मदद के लिए फंड एकत्रित कर सहायता भी की। आज जनता की आवाज बन चुका है। - अनूपचंद्र जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता फिरोजाबाद
मैने जब से लिखना, पढ़ना सीखा तभी से अमर उजाला का पाठक हूं। मैं तो खुद काॅलेज में अमर उजाला के समाचार पत्र पढ़कर सुनाया करता था। अमर उजाला सही मायने में निष्पक्षता, निर्भीकता, स्वतंत्रता के साथ जनता की आवाज बनता रहा है। बड़ी से बड़ी शक्तियों के बीच खुद को स्थापित करते हुए एक लाइन पर यह समाचार पत्र आगे बढ़ता रहा। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि हिंदी पट्टी का एक महत्वपूर्ण समाचार पत्र अमर उजाला बन गया है। हमें पूरी उम्मीद है कि समाचार पत्र अपनी इस निष्पक्षता को कायम रखेगा। - मनीष असीजा, नगर विधायक फिरोजाबाद