फिरोजाबाद। नौशहरा स्थित पटाखा गोदाम में धमाके से पांच लोगों की मौत और आठ मकान जमींदोज होने के बाद जिला प्रशासन ने पटाखा दुकानदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसडीएम से सत्यापन कराने के साथ घनी आबादी वाले दुकानों को बाहर सिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। लापरवाही बरतने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी है।
शिकोहाबाद के नौशहरा में हादसे के बाद गोदाम संचालक भूरे खां का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। डीएम रमेश रंजन ने घनी आबादी के बीच संचालित होने वाली पटाखे की दुकानों का सत्यापन एसडीएम से कराने का निर्णय लिया था। इसमें जिला मुख्यालय के एसडीएम को भी जिम्मेदारी सौंपी थी। एसडीेएम की जांच रिपोर्ट आने के साथ ही जो दुकानें घनी आबादी के बीच पाई गई हैं उनके नोटिस जारी किए गए हैं। एडीएम विशुराजा ने कहा कि जिले के छह पटाखा दुकानदारों को नोटिस जारी किए है। दुकानदारों को 15 दिन के अंदर दुकान को स्थानांतरित किए जाने का मौका दिया है। यदि दुकानों को शिफ्ट नहीं करेंगे तो फिर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
नौशहरा में तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी
शिकोहाबाद। नौशहरा हादसे के पीड़ितों का तीसरे दिन मंगलवार को भी ग्रामीणों संग धरना जारी रहा। भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को गांव में जाकर सुना।
धरने के दौरान मुआवजे की धनराशि को 6500 से बढ़ाकर 10-10 लाख रुपये करने पर जोर दिया गया। दोपहर में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी फिरोजाबाद के जिलाध्यक्ष हिमांशू कुमार सिंह एवं उनके साथ पार्टी कार्यकर्ता भी गांव में पहुंचे और समस्याएं सुनीं और समर्थन का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने शुरु की क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत
प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों की क्षतिपूर्ति के लिए 6500 रुपये के मुआवजे को लेने से इनकार करने के बाद अब ग्रामीण अपने खर्च से क्षतिग्रस्त मकानों को बनाने में जुट गए हैं। मंगलवार को मोनिका कुमारी के परिजन ने मरम्मत शुरु कराई। मोनिका का कहना था कि प्रशासन से मिलने वाली मदद से क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती। इसलिए हम खुद ही अपने क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत करवा रहे हैं।