फिरोजाबाद। अन्नदाता भूमि को ही जब लेखपाल ने सरकारी घोषित कर दिया तो किसान इससे आहत हो गया। इसी के चलते खैरगढ़ थाना क्षेत्र में हार्ट अटैक से किसान की मौत हो गई। बेटे के अनुसार लेखपाल द्वारा सोमवार को जमीन को सरकारी बताए जाने के बाद से ही पिता ने खाना-पीना त्याग दिया था। देर रात ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया। गांव नगला रघोल निवासी भूप सिंह के गांव में ही जमीन थी। पास में कुछ जमीन भाइयों के नाम थी। सोमवार को तहसील की टीम के साथ आए लेखपाल ने जमीन को सरकारी घोषित कर दिया। जिस जमीन के लिए बचपन से ही मेहनत की। उसी जमीन को अन्नदाता माना था। उक्त जमीन को सरकारी घोषित होने के बाद से ही भूप सिंह आहत हो गए। उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया। सोमवार देर रात अचानक दिल का दौरा पड़ गया। इससे वह बेहोश हो गए। परिजन सरकारी ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। परिजन द्वारा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया। थाना प्रभारी आलोक मिश्र ने बताया कि किसान की जमीन अलग थी। जिस जमीन की लेखपाल ने पैमाइश की थी। वह जल शक्ति मिशन के लिए पूर्व से ही चिह्नित की जा चुकी थी।