फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष जज एससी-एसटी एक्ट इफराक अहमद ने 11 वर्ष पूर्व घर में घुसकर पिटाई करने एवं जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के दोषी तीन सगे भाई एवं पिता सहित छह को 5-5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 14-14 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर सभी को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामला थाना नगला खंगर क्षेत्र के गांव कौरारी खेड़ा का नौ जून 2012 का है। पंछीलाल ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि घर के सामने भैंसों को चारा खिलाने के लिए नांद को बना लिया था। इन्हें गांव के निवासी शंकर सिंह ठाकुर उनके बेेटे रामनरेश, बड़े, ठेकेदार, राजीव एवं कल्लू ने भैंसों की नांद फावड़ा से गिराने के साथ ही गाली गलौज करने के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। घर में घुसकर पीटई की। इतना ही नहीं जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया।
पुलिस द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण लेकर अभियोग दर्ज कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के साथ मामले की जांचकर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामला सुनवाई को अपर जिला जज व विशेष जज इफराक अहमद के न्यायालय में सुनवाई को पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए नरेंद्र सिंह सोलंकी ने दोषियों को सजा दिलाने की पहल की। फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर दोषी शंकर सिंह ठाकुर उनके तीन बेटे रामनरेश, बड़े, ठेकेदार तथा राजीव व कल्लू को 5-5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। 14-14 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।