फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: अनसुलझे 10 सवाल, जेल प्रशासन के पास नहीं है जवाब

Wed, 26 Jun 2024 03:32 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जेल में बंदी की मौत के बाद भी पुलिस जहां फ्रंटफुट पर आ गई हैं, वहीं जेल प्रशासन इससे बचने के लिए बैकफुट पर आ गया है। आकाश की मौत के चार दिन बाद भी जेल प्रशासन सवालों के जवाब देने में नाकाम है। बंदी की मौत के सवालों का जवाब अभी तक जेल प्रशासन नहीं ढूंढ सका है। मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। लेकिन फिर भी जेल के अफसर खुद का बचाव करने में एड़ी से चोटी तक की ताकत लगा रहे हैं। दक्षिण थाने से 19 जून को बाइक चोरी के मामले में आकाश व उसके साथी शिवम को मेडिकल और एसीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाता है। जेल पहुंचते ही उम्र के हिसाब से दोनों को अलग-अलग बैरक में रखा जाता है। जेल पहुंचने के करीब 40 घंटे बाद बंदी आकाश की मौत हो जाती है। जिसके पोस्टमर्टम रिपोर्ट में हेडइंजरी सहित 14 चोटें आती हैं। जेल प्रशासन पुलिस पर उसकी पिटाई की आरोप लगाते हैं जबकि पुलिस के मेडिकल में नो इंजरी आती हैं। 24 जून को जब आकाश के साथी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो उसकी वीडियो बनाकर खाली कागज पर अंगूठा लगवा लिया जाता है। जेल प्रशासन बंदी की मौत वाले दिन से चुप्पी साधे हुए है। अभी तक उनके द्वारा अपनी सफाई में कोई बात नहीं की गई है। साथ ही आरोपों में खुद को घिरता देख जेल अधीक्षक भी अपना बयान बदलते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन


इन सवालों के नहीं है जवाब
1- बंदी के शरीर पर 14 चोटें कैसे आईं।
2- जेल प्रवेश पर हुए मेडिकल में यह चोटें क्यों नहीं दर्शाईं।
3- पुलिस और जेल के मेडिकल में कैसे आया फर्क।
4- अगर बंदी को थी हेडइंजरी तो क्याें नहीं कराया सीटी स्कैन।
5- जेल प्रशासन के मेडिकल में पेन की स्याही में कैसे आया अंतर।
6- चोटें पहले से थी ताे जेल में प्रवेश देने से पहले क्यों नहीं कराया उपचार।
7- साढ़े छह बजे बंदी की मौत की जानकारी डेढ़ घंटे बाद परिजन को क्यों दी।
8- दम तोड़ने के दौरान बंदी के नाक व कान से जमकर हुआ रक्तस्राव।
9- रोते हुए अपने साथी से बैरक बदलवाने की क्यों बोला बंदी।
10- जेल प्रशासन ने शिवम से आखिर जबरन पुलिस द्वारा पीटने की बात कहने की वीडियो क्यों बनवाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें