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आजम खां के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज

Tue, 18 Jun 2013 10:23 PM IST
बदायूं/ब्यूरो
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सपा सरकार के प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मुकदमे की पुनर्विवेचना अब एसआईएस को सौंप दी गई है।
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यहां के एक दरोगा ने विवेचना शुरू भी कर दी है। कोतवाली में करीब पखवाड़े भर तक कोर्ट का आदेश पड़ा रहा पर किसी दरोगा ने केस लेने की हिम्मत नहीं जुटाई।

बसपा शासन में 21 दिसंबर 2010 को आजम खां ने छोटे सरकार दरगाह के पास एक जनसभा को संबोधित किया था।

तब उन्होंने गुलाम नबी आजाद पर कटाक्ष करते हुए एक बयान दिया था। इस बयान में कश्मीर का भी जिक्र आया था।

सभा के बाद बजरंग दल के जिला संयोजक उज्ज्वल गुप्ता ने आजम खां के खिलाफ सदर कोतवाली में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था।

उज्ज्वल का आरोप था कि आजम खां ने कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं बताते हुए विवादित कहा है, इसलिए उनके खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई की जाए।

इस मामले में विवेचना शुरू हुई जो लगभग चार्जशीट की ओर जा रही थी।

इस बीच प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया और सपा सरकार में आजम खां सबसे कद्दावर मंत्री के रूप में उभरे।
कोतवाली में मुकदमे के विवेचक एम एम खान ने इस केस में एफआर लगा दी।

खान का तर्क था कि वादी उन्हें आजम खां की आवाज का मूल वीडियो या सीडी उपलब्ध नहीं करा सके।

उज्ज्वल ने इस पर ऐतराज दाखिल किया था। पिछले महीने 24 मई को सीजेएम कोर्ट ने एफआर को मिथ्यापूर्ण, अपुष्ट और भ्रमित करार देकर कोतवाली पुलिस को पुनर्विवेचना के आदेश दिए।

तब से यह आदेश कोतवाली में अनुपालन को तरस रहा था। दरअसल सत्तापक्ष के प्रभावशाली मंत्री के खिलाफ पुनर्विवेचना लेने को कोई दरोगा तैयार ही नहीं हुआ।

इस मामले में आगे कुंआ और पीछे खाईं जैसी स्थिति देखकर कोतवाल वीरपाल सिरोही ने एसएसपी से केस को विशेष जांच प्रकोष्ठ को सौंपने की मांग की।

इसके बाद एसएसपी के आदेश पर विवेचना एसआईएस में ट्रांसफर कर दी गई। विवेचना वहां दरोगा सीबी सिंह को सौंपी गई है, उन्होंने जांच शुरू कर दी है।
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