जहानाबाद। गर्भपात के बाद पत्नी को तीन तलाक देकर पत्नी को घर निकाल दिया। पति समेत छह ससुरालियों के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना क्षेत्र के कापिल गांव निवासी वसीम खान की पुत्री शबनम खातून उर्फ बेबी का निकाह 17 नवंबर 2019 को गढ़ी के शादाब के साथ हुई थी। शबनम का आरोप है कि शादी के बाद से दहेज में नकदी की मांग को लेकर ससुराली प्रताड़ित करने लगे। उसे 24 जुलाई 2023 को पीटकर घर से निकाल दिया था।
समझौते के बाद ससुराल ले गए थे। गर्भवती होने पर पति ने 28 नवंबर 2023 को गर्भपात कराने का दबाव बनाया। मना करने पर पिटाई की। वह बेहोश हो गई। बेहोशी हालत में किसी क्लीनिक पर ले गए। उसका गर्भपात करा दिया। होश आने पर विरोध किया। विरोध करने पर पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
पक्षों के बीच सुलह-समझौते की बातचीत होती रही। कोई बात नहीं बन सकी। इसके बाद बुधवार को थाने में शबनम मुकदमा दर्ज कराने पहुंची। थानाध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पति, सास, ससुर, देवर, जेठ समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गर्भपात और तीन तलाक का आरोप संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। बयान के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी को मोबाइल पर दिया तीन तलाक
- दहेज में चेन और बाइक न मिलने पर तलाक का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बहुआ। दहेज में सोने की चेन और बाइक न देने पर महिला ने पति पर तीन तलाक मोबाइल पर देने का आरोप लगाया है। पिता ने दामाद और उसके बहन, बहनोई के खिलाफ बुधवार को थाने में तहरीर दी है।
ललौली थाना क्षेत्र के नूरगंज मोहल्ला निवासी नसरत अली की बेटी आलिया खातून की शादी 29 नवंबर 2018 को पड़ोसी साबित अली के बेटे इरफान अली के साथ हुई थी। नसरत अली का आरोप है कि शादी के कुछ माह बाद दामाद इरफान अली अपनी बहन सीदा बेगम और बहनोई शरीफ खां के सहयोग से बेटी को प्रताड़ित करने लगा।
दहेज में बाइक और सोने की चेन की मांग की। दामाद अहमदाबाद में स्टील कंपनी में काम करता है। मांग पूरी न होने पर अहमदाबाद से ही दामाद इरफान अली ने 20 जनवरी को बेटी आलिया खातून को फोन किया। फोन पर ही तीन तलाक दे दिया। आलिया की एक ढाई वर्ष की एक बेटी है। प्रभारी निरीक्षक तारकेश्वर राय ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।