फतेहपुर। जनपद में रायबरेली रेल कोच फैक्टरी का सहायक कारखाना (एंसिलरी यूनिट) लगना है। इसके लिए जमीन से लेकर अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। छह साल से कारखाना के लिए जमीन खोजी जा रही है। इस बीच पांच डीएम बदल गए, लेकिन जमीन नहीं मिल पाई। कारखाना शुरू नहीं हो पाने से विकास तो लटका ही है, रोजगार की आस लगाए लोगों में भी निराशा है।
जिले में रेल की बोगियों से जुड़े कलपुर्जे बनाने के लिए उद्योग स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। रेल कारखाना के लिए साल 2018 से करीब सौ बीघे जमीन की तलाश शुरू हुई। तत्कालीन डीएम अंजनेय कुमार सिंह के समय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों का दौर शुरू हुआ। लखनऊ की कंपनी एबीए इन्फोटेक को जमीन खरीदी से लेकर रेल कोच फैक्टरी के निर्माण तक के लिए अधिकृत किया गया।
फैक्टरी के लिए जमीन की तलाश शुरू हुई। इसी बीच डीएम का तबादला हो गया। फिर तत्कालीन डीएम संजीव कुमार ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए काम शुरू किया। कंपनी ने डीएम व सांसद को सरैला में जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। सरैला गांव के ग्रामीणों ने कम दामों पर जमीन खरीदने का आरोप लगाते हुए जमीन देने से इन्कार कर दिया। मामले की शिकायत डीएम से की गई और काम बंद करा दिया गया।
इसके बाद कुटिया गुनीर गांव के पास फैक्टरी लगाने के लिए जमीन चिह्नित की गई, लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच डीएम का तबादला हो गया। डीएम के रूप में अपूर्वा दुबे ने पदभार संभाला। इस दौरान सहायक कारखाना खागा क्षेत्र में लगाने का प्रस्ताव आया। यहां पर फर्म ने जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन ऐन वक्त पर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद काम बंद कर दिया गया।
इसके बाद डीएम का पद श्रुति ने संभाला। उनके कार्यकाल में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र मलवां में कारखाना लगाने का प्रस्ताव रखा। बताया गया कि यहां से मलवां रेलवे स्टेशन की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर है और हाईवे सात किलोमीटर दूर है। साथ ही 33 और 11 केवीए की बिजली लाइन मौजूद है। उद्यमी इस क्षेत्र में ही फैक्टरी लगाने में रुचि लेंगे। इस क्षेत्र में जमीन भी उपलब्ध है। लेकिन यह मामला कागजों में सिमटा रहा। उनके तबादले के बाद डीएम सी. इंदुमती के कार्यकाल में पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब नए डीएम के रूप में रविंद्र सिंह ने कामकाज संभाला है। उनसे उद्योग जगत को रेल कोच फैक्टरी के लिए जमीन उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
स्थानीय स्तर पर तैयार करना है मूलभूत ढांचा
रेल कोच फैक्टरी के लिए जमीन की उपलब्धता से लेकर चहारदीवारी, पेयजल, लाइट व ड्रेनेज समेत जरूरी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर तैयार की जानी हैं। इसके लिए सिंगल विंडो की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी गई है।
-कोट्स-
रेल कोच फैक्टरी लगाने की जानकारी मिली है। इसके अभिलेख मंगाएंगे। दिसंबर में सदन चलेगा, तो मुद्दे को उठाएंगे। रेल कोच सहायक कारखाना लगवाने की प्रक्रिया बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे।
- नरेश उत्तम पटेल, सांसद, फतेहपुर
फोटो-27- मलवां औद्योगिक क्षेत्र। संवाद