हथगाम (फतेहपुर)। मस्जिद में तिरंगा फहराने की मांगी अनुमति से दो समुदायों के टकराने की आशंका पर पुलिस प्रशासन ने रामदल संगठन के आठ कार्यकर्ताओं को 14 अगस्त की रात थाने में बैठा लिया। थाने में दूसरे दिन 15 अगस्त को पूरे दिन नारेबाजी और घेराव हुआ।
खागा विधायक और प्रशासन के 20 दिन में जांच कर आश्वासन मिलने पर मामला शांत हो सका। एहतियात के तौर पर पुलिस विवादित स्थल पर तैनात की गई है। हालांकि स्थल पर तिरंगा फहराता नजर आया।
दशकों से जयचंदी मस्जिद में नमाज अदा की जाती है। इस जगह को पुरातत्व विभाग ने संरक्षित कर बोर्ड भी लगा रखा है। रामदल संगठन ने 15 अगस्त को उक्त स्थान पर तिरंगा फहराने की अनुमति का ज्ञापन 13 अगस्त को उपजिलाधिकारी खागा को सौंपा था। बातचीत के लिए क्षेत्राधिकारी थारियांव अरुण कुमार राय ने थाने में संगठन के लोगों की 14 अगस्त की शाम बैठक बुलाई।
सीओ ने संगठन को उस जगह पर तिरंगा फहराने से रोक दिया। सदस्यों के न मानने पर अध्यक्ष आगेंद्र साहू उर्फ रानू साहू समेत आठ कार्यकर्ताओं को थाने में बैठाकर निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इस दौरान घटना की जानकारी पर आसपास क्षेत्र व शहर से हिंदू संगठनों के सदस्यों की 15 अगस्त को थाने में भीड़ लग गई। नारेबाजी प्रदर्शन के साथ थाने का घेराव हुआ।
एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एएसपी विजय शंकर मिश्रा, एडीएम सदर,खागा, सीओ, कई थानों का फोर्स व पीएसी पहुंची। विधायक कृष्णा पासवान शाम को पहुंची। हिंदू संगठन के लोगों ने उक्त स्थान राजा जयचंद का किला होने का दावा किया। साथ ही स्थान को राजा जयचंद का किला घोषित करने की मांग की।
हिंदू संगठन का कहना है कि पुरातत्व विभाग ने भी इसे प्राचीन जगह मानी है। तथ्यों को तोड़-मरोड़कर विशेष समुदाय के लोगों ने जयचंदी मस्जिद घोषित कर रखा है। प्रशासन व विधायक की जांच के आश्वासन पर संगठनों के लोग शांत हो सके।
एडीएम ने बताया कि प्रारंभिक अभिलेखों की जांच की गई है। अभिलेखों में कुछ जगहों पर जयचंद का किला व जयचंदी मस्जिद का जिक्र मिला है। पुरातत्व विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। 20 दिन में जांच का परिणाम सामने आएगा। जांच के अनुसार विधिक कार्रवाई होगी।
पुलिस के साये में हुई जुमा की नमाज
मस्जिद में जुमे की नमाज पुलिस व पीएसी बल की मौजूदगी में हुई। नमाजी हसमत अली 60 साल के बुजुर्ग हैं। उन्होंने बताया कि पूरी उम्र यहीं पर नमाज पढ़ी है। उनकी दो पीढि़यों के बुजुर्ग भी यहीं नमाज पढ़ते थे। नमाजी सरसार अली ने बताया कि कुछ लोग अराजकता फैलाने के लिए जबरदस्ती तिरंगा फहराने चाहते थे। जबकि तिरंगा पहले ही फहरा जा चुका था। उनके पक्ष की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।