उमस में क्या बच्चे क्या बुजुर्ग सभी का बुरा हाल है। धुआंधार कटौती से लोगों की समस्याएं और बढ़ गईं हैं। गर्मी के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा है। शाम सात बजे के बाद ही राहत मिलती है। लगातार करीब चार दिनों से पुरवाई से पसीना निकलना बंद नहीं हो रहा है। भीषण गर्मी का प्रभाव बाजार से लेकर दफ्तरों तक में हावी है। मतदाता सूची संशोधन में लगे बीएलओ मतदाताओं के यहां नही पहुंच पाते हैं। वहीं पिछड़ा वर्ग रैपिड सर्वे में लगे प्रगणक भी गांवों में नजर नहीं आ रहे हैं। भीषण गर्मी से बेहाल बच्चे तो मौका पाते ही नहाने में जुट जाते हैं।