फतेहपुर। जिले में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए सिरे से एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र मिलकर प्लान पर काम करेगा। औद्योगिक क्षेत्र में तीन दशकों से जमीन लेकर औद्योगिक इकाइयां स्थापित न करने वाले लोगों को एक आखिरी मौका दिया जाएगा। औद्योगिक इकाइयां न लगाने पर आवंटन निरस्त कर नए उद्यमियों को जमीन आवंटित की जाएगी।
जनपद में आठ औद्योगिक क्षेत्र हैं। इसकी जमीनें तीन दशकों से लोगों ने आवंटित करा रखी हैं। आवंटन होने के बाद से कुछ औद्योगिक इकाइयां चलकर बंद हो गईं तो कुछ ने कोई इकाई नहीं लगाई। अब जिलाधिकारी श्रुति के निर्देश पर यह पहल की गई है कि सभी आवंटियों को अपना पक्ष रखने के लिए एक आखिरी मौका दिया जाएगा। उनकी सुनवाई करने के बाद यदि जमीनों का सदुपयोग होता नहीं प्रतीत होता है तो पुराने आवंटन रद्द कर नए उद्यमियों को जमीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
दरअसल जनपद में बड़े और मध्यम उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का अभाव है। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अंजनीश सिंह ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। जमीनें निष्प्रयोज्य पड़ी हुई हैं तो उन्हें नए लोगों को आवंटित कर दिया जाएगा।
औद्योगिक आस्थानों की स्थिति
स्थान अधिगृहित क्षेत्रफल - स्थापना वर्ष
चौडगरा - 6.29 हेक्टेयर - 1982
सरायं जगत - 3 एकड़ - 1990
त्रिलोकीपुर - 3 एकड़ - 1990
इटरौरा पिलखिनी- 3.33 एकड़ - 1989
चकहाता - 6.98 एकड़ - 1991
रामपुर थरियांव - 3 एकड़ - 1989
सुजरही खागा- 3.03 एकड़ - 1991
सधुवापुर - 3 एकड़ - 1991