फतेहपुर। चेयरमैन महोदय बोरिंग के 15 साल बाद नगर पालिका तीन नलकूप चालू नहीं करा पाई। जबकि नगर पालिका ने इनके समीप ही नए नलकूप बना दिए हैं। अधिकारियों की मनमानी से नगर पालिका की सवा करोड़ रुपये की धनराशि पानी में चली गई। एक नलकूप का पंप हाउस अधबना है, जबकि दो नलकूपों के पंप हाउस भी तैयार हैं। इसके बावजूद नगर पालिका ने इन नलकूपों को चलाने का प्रयास नहीं किया। ये चालू हो जाएं, तो लगभग 2 हजार घरों को पानी मिलने लगेगा।
2008 में पूर्व चेयरमैन अजय अवस्थी के कार्यकाल में नगर पालिका ने तीन नए नलकूपों की बोरिंग कराई थी। इनमें अजगवां और बीबीपुर नलकूपों के पंपहाउसों का भी निर्माण हुआ था। तीसरा नलकूप नजदीक सीएमओ दफ्तर के पंपहाउस का निर्माण अधूरा ही छोड़ दिया गया था। इसके बाद दो बोर्ड का कार्यकाल व्यतीत चुका है और तीसरे बोर्ड का कार्यकाल शुरू हो चुका है। इनमें से किसी भी बोर्ड ने बंद और अधबने पड़े नलकूप की तरफ घूमकर नहीं देखा, जबकि इनके बदले में दूसरे नलकूप लगाए जा चुके हैं। खास बात तो यह है लाखों की लागत से नलकूपों की बोरिंग हुई और चल न पाने के कारण की कोई जानकारी देने को तैयार है।
सवा करोड़ हुआ था खर्च
अधबने तीनों नलकूपों की बोरिंग और पंप हाउस बनाने में करीब सवा करोड़ खर्च हुआ था। एक नलकूप निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए गए। तत्कालीन बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद दूसरे बोर्ड उनके नजदीक दूसरे नलकूप लगा दिए। अधबने नलकूपों पूरा निर्माण कराना तक मुनासिब नहीं समझा। वर्तमान में एक नलकूप लगवाने में 60 लाख रुपये से अधिक खर्च होते हैं।
बयान:-
ऐसे नलकूपों की नगर पालिका में कोई जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर इन अधबने नलकूपों को देखूंगा। अगर चलने लायक हैं, तो कनेक्शन लेकर चालू कराए जाएंगे।
राजकुमार मौर्य, चेयरमैन नगर पालिका
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