फतेहपुर। खागा तहसील क्षेत्र की 10 लाख की आबादी के इलाज के लिए तहसील क्षेत्र में एक भी नेत्र चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में नेत्र रोगियों को 70 किमी. की दूरी तय कर मदन मोहन नेत्र चिकित्सालय आना पड़ रहा। ऐसे में निशुल्क इलाज के लिए भी रोगी को 200 रुपये किराये में खर्च करना पड़ रहा है।
10 लाख की आबादी वाली जिले की खागा तहसील में तो एक भी नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। पांच महीने पहले खागा सीएचसी में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ को सीएमओ ने मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय में संबद्ध कर लिया है, जबकि यहां पर एक डाॅक्टर पहले से तैनात है।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि खागा तहसील क्षेत्र की किसी पीएचसी, सीएचसी में नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद सृजन नहीं है। ऐसे में वहां नेत्ररोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो सकती है। पूर्व में अस्थाई तौर पर एक नेत्र रोग विशेषज्ञ भेजा गया था, लेकिन अब उसे मदनोहन नेत्र चिकित्सालय में वापस कर लिया गया है।