फोटो 30- हत्यारोपी ईशू उर्फ छोटू
फोटो 29- परिजनों को समझाती पुलिस
पूर्व बीडीसी की गलत हरकत के विरोध में युवक ने थी हत्या
- कानपुर के महाराजपुर थाने का रहने वाला आरोपी
- दोनों ने पहले साथ में बैठकर पी थी शराब
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बकेवर थाना क्षेत्र के हरदासपुर गंगरावल गांव में ईंट से कूंचकर पूर्व बीडीसी व डेयरी संचालक की हत्या में आरोपी को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद के साथ गलत हरकत करने के विरोध में हत्या की बात कबूली है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा है।
पूर्व बीडीसी श्रीचंद्र कुशवाहा (45) घर से 21 मार्च की शाम 100 रुपये लेकर बाइक से निकला था। उसे खेत पर परिजनों ने रात करीब साढ़े 11 बजे मरणासन्न हालत में पाया था। उसकी कानपुर हैलट में इलाज दौरान रात को ही मौत हो गई थी। मृतक के भाई रज्जन लाल की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के सहारे से हत्यारोपी की पहचान की। आरोपी कानपुर महाराजपुर थाने के लछयिनपुरवा निवासी ईशू उर्फ छोटे रैदास को पधारा मोड़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मृतक की बाइक,चप्पल,आलाकत्ल ईंट की बरामद की है। पुलिस लाइन में मामले का एसपी उदय शंकर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी शराब पीने लती है। वह अपनी बुआ रामश्री पत्नी रामसजीवन के घर महमूदपुर से मिलने आया था। ईशू के परिवार का बुआ के घर से अच्छे रिश्ते नहीं हैं। बुआ ने उसे 500 रुपये देकर घर जाने को भेज दिया था। जोगापुर शराब की दुकान में ईशू ने दो क्वार्टर शराब पी और एक क्वार्टर शराब जेब में रखकर चला था। उसी दुकान पर पूर्व बीडीसी ने भी शराब पी। दोनों के बीच जान-पहचान हो गई। हाईवे तक पूर्व बीडीसी से उसे छोड़ने की बात कहकर बाइक में बैठा लिया। पूर्व बीडीसी बची शराब पीने के लिए ईशू को अपने खेत ले गया। जहां ईशू के साथ गलत हरकत करने लगा। ईशू ने कबूला कि विरोध करने पर नहीं मान रहा था। उसने ईंट से पूर्व बीडीसी के मुंह व सिर पर प्रहार किया। उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर बाइक लेकर भाग निकला। जल्दबाजी में भागते समय चप्पलें बदल गई। पुलिस ने पूर्व बीडीसी की चप्पल, बाइक भी बरामद की है।
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हत्यारोपी को देखने की मांग लेकर शव रख हंगामा किया
पूर्व बीडीसी का दोपहर तक परिजन शव गांव में रखे रहे। पुलिस के पहुंचने पर अंतिम संस्कार से मना कर दिया और हत्यारोपी को देखने की मांग की। परिजन थाने भी पहुंचे। हंगामा करने पर थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने समझाकर शांत किया। परिवार की आरोपी ईशू से मुलाकात कराई। मृतक के पुत्र अमित और आदित्य आरोपी से मिलने और लिखापढ़ी होने की बात से संतुष्ट हुए। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार को राजी हुए।