फतेहपुर। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता के पिता ने आपबीती बताई। बताया कि दोषी उसे लगातार धमका रहे थे। कोर्ट से उन्हें समय रहते न्याय मिला है। बेटी के साथ 2019 में घटना हुई थी। चार साल के अंदर ही न्याय मिला है। कोर्ट ने आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है।
बताया कि बेटी को न्याय दिलाने के समय उनके सामने कई बार रुकावट पैदा की गई। वह कभी भी पीछे नहीं हटे। न्याय की उम्मीद में उन्होंने अपनी जान की परवाह भी नहीं की। आरोपी ऊंची बिरादरी के हैं। घटना के कुछ माह बाद ही कोर्ट में गवाही के लिए उसे बुलाया जाने लगा था। उसे आरोपियों के पक्ष के लोग गवाही से मुकरने की धमकी देते थे।
गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। समझौते के लिए कई बड़े लोगों के यहां बुलाकर पंचायत कराई थी। वह किसी के दबाव में नहीं आया। घटना के बाद से आरोपी कुशल सिंह लगातार जेल में रहा है। आरोपी आशीष को बीच में कुछ दिनों के लिए जमानत मिली थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह उत्तम ने बताया कि गवाही के दौरान कई बार वादी के पिता पर आरोपी पक्ष ने दबाव बनाया था। इस संबंध में पिता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस को भी कोर्ट ने मामले में वादी की सुरक्षा के आदेश दिए थे।